
अमृतसर,18 अक्टूबर: दशहरा पर्व नजदीक आते ही रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले बनाने वाले कारीगरों की व्यस्तता चरम पर पहुंच गई है। पंजाबभर में त्योहार की तैयारियां जोरों पर हैं और पुतले बनाने वाले कारीगर दिन-रात काम में जुटे हुए हैं। बाजार में इस बार 1 फीट के छोटे पुतलों से लेकर 80 फीट तक के विशालकाय पुतले तैयार किए जा रहे हैं। अमृतसर में पंजाब के विभिन्न शहरों से लोग पुतलों की खरीदारी और ऑर्डर देने पहुंच रहे हैं।
इस बार अमृतसर स्थित ऐतिहासिक दुर्ग्याणा मंदिर परिसर जलने वाला 100 फीट का रावण मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगा। इसके अलावा पटियाला के महाकाली मंदिर समेत कई प्रमुख धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं ने भी इस बार विशालकाय पुतलों के ऑर्डर दिए हैं।
कारीगरों के अनुसार, समय के साथ त्योहार मनाने के
तौर-तरीकों में बड़ा बदलाव आया है। अब लोग बड़े मेलों
में जाने के बजाय अपने घरों, सोसाइटियों और कॉलोनियों में ही दशहरा मनाना पसंद कर रहे हैं। यही वजह है कि बच्चों के मनोरंजन और परंपरा को बनाए रखने के लिए 1,000 से 1,500 रुपए की कीमत वाले छोटे पुतलों की माँग में ज़बरदस्त उछाल आया है।
रक्षाबंधन के तुरंत बाद शुरू होने वाला यह मौसमी व्यवसाय पंजाब के कई परिवारों को आजीविका और रोज़गार प्रदान करता है। अन्य राज्यों से आने वाले लोग भी इन कारीगरों की कला और बारीक हुनर की जमकर सराहना करते हैं, जिससे इन कारीगरों का उत्साह और बढ़ता है।
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