Breaking News

अमृतसर की मंडियों में 2.86 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद

डिप्टी कमिश्नर की फाइल फोटो। 



अमृतसर, 21 अक्टूबर(राजन): अमृतसर जिले की मंडियों में धान की खरीद निर्बाध रूप से जारी है। डिप्टी कमिश्नर दलविंदरजीत सिंह ने बताया कि 19 अक्टूबर की शाम तक मंडियों में 2,86,718 मीट्रिक टन धान की आमद हुई, जिसमें से 2,86,612 मीट्रिक टन की खरीद की जा चुकी है। इस प्रकार कुल आमद का 99.96 प्रतिशत धान खरीदा जा चुका है।

सरकारी खरीद एजेंसियों में पनग्रेन ने 1,41,615 मीट्रिक टन, मार्कफेड ने 75,232 मीट्रिक टन, पनसप ने 40,170 मीट्रिक टन और पंजाब राज्य वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन ने 29,595 मीट्रिक टन धान की खरीद की है। खरीदे गए धान में से 1,90,720 मीट्रिक टन का उठान हो चुका है, जबकि 95,892 मीट्रिक टन का उठान बाकी है। 18 अक्टूबर तक कुल 677.71 करोड़ रुपये की देय राशि में से 591.13 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।

डिप्टी कमिश्नर ने किसानों से अपील की कि धान की कटाई फसल पूरी तरह पकने के बाद ही करें और मंडियों में सूखा धान लेकर आएं। भारत सरकार ने खरीद के लिए नमी की अधिकतम सीमा 17 प्रतिशत निर्धारित की है। इससे अधिक नमी होने पर फसल बेचने में परेशानी आ सकती है। केंद्र सरकार ने इस वर्ष धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2,461 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार धान लाने से खरीद सुचारू रहेगी और किसानों को अपनी उपज का पूरा समर्थन मूल्य मिल सकेगा।

उन्होंने मुख्य कृषि अधिकारी और जिला मंडी अधिकारी को गांवों में विशेष जागरूकता शिविर लगाकर किसानों को फसल की सही परिपक्वता, नमी की निर्धारित सीमा और सूखा धान मंडियों में लाने के बारे में जागरूक करने के निर्देश दिए। साथ ही, कंबाइन ऑपरेटरों को सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक ही धान की कटाई करने और निर्धारित समय का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

” अमृतसर न्यूज अपडेट्स ” की खबर व्हाट्सएप पर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक को क्लिक करके व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करें

https://chat.whatsapp.com/D2aYY6rRIcJI0zIJlCcgvG

About amritsar news

Check Also

रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले बनाने वाले कारीगरों की व्यस्तता चरम पर पहुंच गई है

अमृतसर,18 अक्टूबर: दशहरा पर्व नजदीक आते ही रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले बनाने वाले …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *