
अमृतसर,1 नवंबर:रिश्वत मामले में पकड़े पंजाब के पूर्व डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को सीबीआई ने 5 दिन की रिमांड पर लिया है। शनिवार को सुनवाई के दौरान चंडीगढ़ सीबीआई कोर्ट ने इसकी मंजूरी दी। शुक्रवार को सीबीआई की तरफ से पूर्व डीआईजी को रिमांड पर लेने के लिए अर्जी दायर की गई थी।भुल्लर के वकील एचएस धनोहा और आरपीएस बारा ने इसका विरोध किया। लेकिन सीबीआई ने तर्क देते हुए कहा कि उन्हें और सबूत इकट्ठा करने हैं।

उधर, शनिवार सुबह ही विजिलेंस ने भी आय से अधिक संपत्ति मामले में भुल्लर को प्रोडक्शन वारंट पर लेने के लिए मोहाली कोर्ट में याचिका लगाई। विजिलेंस ने तर्क दिया कि भुल्लर जांच में सहयोग नहीं कर रहे, इसलिए रिमांड चाहिए। याचिका पर कोर्ट में सुनवाई हुई।
इस दौरान सीबीआई के वकील ने कहा कि विजिलेंस ने सिर्फ आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया है। प्रॉपर्टी की जांच करने के लिए रिमांड क्या करना, वो जब चाहे जेल में आकर पूछताछ कर सकती है। इस पर अदालत ने कहा कि 3 नवंबर को विस्तार से जवाब दीजिए। विजिलेंस ने 29 अक्टूबर को केस दर्ज किया था।
चंडीगढ़ अदालत में पेशी के दौरान भुल्लर की बेटी भी मौजूद रही। कोर्ट से बाहर निकलते समय भुल्लर ने बेटी को गले लगाया और कुछ देर बात की। इसके बाद उन्हें नीचे कोर्ट के बक्शी खाने में ले जाया गया।
सीबीआई ने अदालत में यह विशेष दलीलें दी
भुल्लर के मोबाइल चैट में अहम सुराग मिले
सीबीआई ने अदालत में डीआईजी भुल्लर के मोबाइल से मिले अहम सबूतों का जिक्र किया। सीबीआई वकील नरेंद्र सिंह ने बताया कि फोन चैट में कई अहम बातें सामने आई हैं। चैट से रिश्वतखोरी के एक पैटर्न का संकेत मिल रहा है।
एडवोकेट नरेंद्र सिंह ने कहा कि कुछ इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस छिपाए हैं, जिन्हें बरामद करना जरूरी है, साथ ही पैसे के ट्रेल की जांच भी बाकी है। वहीं, भुल्लर के वकील ने कहा कि सीबीआई ने भुल्लर को प्रोडक्शन वारंट पर लेने से पहले कोई नोटिस नहीं दिया।
रिश्वत केस में नोटिस की जरूरत नहीं
इस पर सीबीआई वकील ने जवाब में कहा कि यह रिश्वत का मामला है और कई धाराओं के तहत दर्ज है, ऐसे में नोटिस देने की जरूरत नहीं होती। पूर्व डीआईजी के वकील ने यह भी कहा कि भुल्लर को मोहाली कोर्ट में पेश किया जाना था, लेकिन सीबीआई ने बीच में ही एप्लिकेशन दाखिल कर दी।
बिचौलिए से मिले सुरागों पर मांगी भुल्लर की रिमांड
इस पर सीबीआई के वकील ने बताया कि बिचौलिए कृष्नु की रिमांड के दौरान कुछ अहम सबूत मिले हैं, इसलिए भुल्लर का रिमांड लेना जरूरी है ताकि जांच आगे बढ़ाईजा सके। पूर्व डीआईजी और बिचौलिए कृष्नु से आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करनी है। कृष्नु पहले से सीबीआई हिरासत में है।
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