पंजाब सरकार बाढ़ रोकथाम प्रबंधों पर 600 करोड़ रुपये कर रही है खर्च: जल संसाधन मंत्री

अमृतसर, 18 मई : पंजाब के जल संसाधन मंत्री बरिंदर गोयल ने आज जिला अमृतसर के बी.ओ.पी. तोता स्थित रावी दरिया के धुस्सी बांध पर चल रहे बाढ़ सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया। इस अवसर पर जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता शेर सिंह, निगरान अभियंता जगदीश राज, एस.सी. गुरबिंदर सिंह सिद्धू, कार्यकारी अभियंता विश्वपाल गोयल तथा अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष आई बाढ़ के कारण बी.ओ.पी. तोता क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ था। जल संसाधन विभाग द्वारा यहां 5.5 करोड़ रुपये की लागत से बाढ़ रोकथाम कार्य करवाए जा रहे हैं।
इसके बाद जल संसाधन मंत्री बरिंदर गोयल ने अमृतसर के निकट गांव चब्बा में झबाल नहर के री-लाइनिंग प्रोजेक्ट का निरीक्षण भी किया। पंजाब सरकार द्वारा 18 करोड़ रुपये की लागत से इस नहर को पक्का किया जा रहा है।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि पहले इस नहर में 150 क्यूसेक पानी बहता था, लेकिन नहर के किनारों को पक्का किए जाने के बाद इसकी क्षमता बढ़कर 258 क्यूसेक हो जाएगी, जिससे पानी टेल क्षेत्रों तक पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि झबाल नहर को पक्का करने का कार्य 45 दिनों के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस नहर की कुल लंबाई 27 किलोमीटर है तथा इसकी चौड़ाई बढ़ाकर 24 फुट कर दी गई है। पहले इस नहर से केवल 5 हजार एकड़ भूमि को सिंचाई के लिए पानी मिलता था, लेकिन क्षमता बढ़ने के बाद अब लगभग 31 हजार एकड़ फसल को टेलों के माध्यम से पानी मिलेगा। इससे भूजल स्तर में भी सुधार होगा।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री पंजाब भगवंत सिंह मान के प्रयासों के कारण राज्य भूजल स्तर में आ रही गिरावट को रोकने में सफल हुआ है, जिससे न केवल पंजाब बल्कि आने वाली पीढ़ियों का भविष्य भी सुरक्षित हुआ है। उन्होंने कहा कि पहले केवल 26 प्रतिशत पानी का उपयोग हो रहा था, जबकि अब राज्य 82 प्रतिशत पानी खेतों तक पहुंचाने में सफल हो चुका है।
बरिंदर गोयल ने कहा कि पंजाब सरकार मानसून सीजन से पहले बाढ़ और भारी वर्षा से होने वाले नुकसान को कम करने तथा जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ रोकथाम प्रबंधों पर 600 करोड़ रुपये खर्च कर रही है।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष आई बाढ़ के बाद जल संसाधन विभाग द्वारा चारों नदियों के लिए दो-दो निगरान अभियंताओं की अध्यक्षता में समितियां गठित की गई थीं। इन समितियों ने 135 संवेदनशील स्थानों की पहचान की, जहां बाढ़ सुरक्षा कार्य जारी हैं। इनमें से कुछ कार्य पूरे हो चुके हैं तथा शेष सभी कार्य 30 जून 2026 तक पूरे कर लिए जाएंगे।
जल संसाधन मंत्री ने आगे बताया कि पिछले बरसाती सीजन के दौरान रावी दरिया के धुस्सी बांध में 23 स्थानों पर कटाव आ गया था। विभाग द्वारा इन कटावों को भरकर पत्थर लगाकर मजबूत किया जा रहा है। इसके अलावा नदी में डी-सिल्टिंग का कार्य भी युद्ध स्तर पर जारी है, जिसे मानसून सीजन से पहले पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सक्की नाले की सफाई का कार्य भी जारी है तथा अन्य बरसाती नालों की सफाई भी की जा रही है।
बरिंदर गोयल ने आगे जानकारी दी कि राज्य सरकार बाढ़ रोकथाम, राहत ढांचे को मजबूत करने तथा नहरों और ड्रेनों की सफाई के लिए फिनलैंड से अत्याधुनिक एंफीबियस मशीनें खरीद रही है। उन्होंने कहा कि ये मशीनें पानी और जमीन दोनों पर चलने में सक्षम हैं तथा बहते पानी में भी गहराई तक सफाई कर सकती हैं। ये मशीनें रोकथाम उपायों और आपातकालीन परिस्थितियों में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगी। उन्होंने कहा कि ये बहुउद्देश्यीय मशीनें गहराई से सफाई करने में सक्षम हैं और इन्हें बाढ़ राहत एवं आपातकालीन कार्यों के लिए खरीदा जा रहा है।
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