
अमृतसर, 2 मई (राजन):अजनाला की मंडियों में पहुंचे सांसद गुरजीत सिंह औजला ने गेहूं खरीद, लिफ्टिंग और ट्रांसपोर्ट सिस्टम को लेकर पंजाब सरकार और अधिकारियों पर तीखा हमला बोला। औजला ने आरोप लगाया कि किसानों की मेहनत की फसल और टैक्सपेयर्स के पैसों पर संगठित तरीके से खेल खेला जा रहा है, जबकि मंडियों में किसान, आढ़ती, मजदूर और ट्रक ड्राइवर परेशान घूम रहे हैं।
अजनाला क्षेत्र की कुक्कड़ांवाला, राजासांसी, खतराई कला, चक्क सिकंदर, चमियारी, सुधार, अवान, गग्गोमाल और अजनाला सहित कई मंडियों का दौरा करने के बाद औजला ने कहा कि पूरे सिस्टम की हालत बेहद खराब है। मंडियों में गेहूं के अंबार लगे हुए हैं लेकिन लिफ्टिंग नाममात्र हो रही है।

औजला ने कहा कि गेहूं की खरीद केंद्र सरकार के पैसों से होती है और फूड सिविल सप्लाई एंड कंज्यूमर अफेयर्स विभाग इसके लिए जिम्मेदार है। मजदूरी, ट्रांसपोर्ट, लोडिंग-अनलोडिंग और वेयरहाउस तक का पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाती है, लेकिन इसके बावजूद पंजाब में करोड़ों रुपये का खेल चल रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रांसपोर्ट के टेंडर ऐसे लोगों को दिए गए जिनके पास ट्रक तक नहीं हैं। “टेंपो, थ्री-व्हीलर, स्कूटर, कार और मोटरसाइकिलों की आरसी लगाकर करोड़ों के टेंडर ले लिए गए। जब मंडियों में ट्रक चाहिए होते हैं तो कोई गाड़ी दिखाई नहीं देती,” औजला ने कहा।
सांसद ने दावा किया कि किसी भी मंडी में 10 प्रतिशत तक आधिकारिक लिफ्टिंग नहीं हो रही, जबकि 90 प्रतिशत काम आढ़तियों पर दबाव डालकर निजी तौर पर करवाया जा रहा है। इससे आढ़तियों पर 25 से 30 प्रतिशत अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
औजला ने कहा कि गेहूं जंडियाला, ढांगरा, टांगरा रोड, भगतांवाला, नवां पिंड और मजीठा के वेयरहाउसों में भेजी जा रही है, लेकिन वहां भी भ्रष्टाचार और अव्यवस्था का आलम है। उन्होंने आरोप लगाया कि “पैसे दो वरना ट्रक वापस कर देंगे” जैसे संदेश खुलेआम भेजे जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कई ट्रक 5 से 7 दिन तक मंडियों और वेयरहाउसों में फंसे रहते हैं, जिससे ड्राइवरों, मजदूरों और पल्लेदारों की दिहाड़ी तक मारी जा रही है।
सांसद औजला ने 2016 का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अकाली-भाजपा सरकार के समय लगभग 30 हजार करोड़ रुपये की गेहूं “गायब” दिखा दी गई थी और उस समय भी ट्रांसपोर्ट सिस्टम सवालों के घेरे में था। उन्होंने सवाल किया कि आखिर वह गेहूं गई कहां थी और अब फिर उसी तरह का सिस्टम क्यों दोहराया जा रहा है?
उन्होंने दावा किया कि सिर्फ अमृतसर जिले में ही करीब 100 करोड़ रुपये का खेल चल रहा है। अजनाला क्षेत्र में लगभग 20 लाख क्विंटल गेहूं की खरीद होनी है और प्रति क्विंटल 25 से 80 रुपये तक ट्रांसपोर्ट का खर्च बनता है।
औजला ने सीधे तौर पर अधिकारियों पर निशाना साधते हुए कहा कि “चंडीगढ़ से लेकर नीचे तक रिश्वत और मिलीभगत का सिस्टम चल रहा है। टेंडर देने से पहले गाड़ियों की जांच तक नहीं होती और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर करोड़ों रुपये बांट दिए जाते हैं।”
उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से पूरे मामले की हाई लेवल जांच करवाने की मांग करते हुए कहा कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो यह पंजाब के किसानों और टैक्सपेयर्स के साथ बड़ा धोखा साबित होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि इस मिलीभगत को खत्म किया जाए क्योंकि वो जानते हैं कि बिना किसी अफसरशाही मदद ओर भ्रष्टाचार के यह संभव नहीं है इसीलिए मुख्यमंत्री जांच करवाकर एक मिसाल कायम करें।
” अमृतसर न्यूज अपडेट्स ” की खबर व्हाट्सएप पर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक को क्लिक करके व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करें
Amritsar News Latest Amritsar News