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गैंगस्टर, अपराधी, खालिस्तानी नेता और उनके समर्थक आए दिन पंजाब सरकार को दे रहे चुनौती, अंधी-बोली और नपुंसक मान सरकार देख रही तमाशा, जनता भुगत रही खामियाजा

अमृतसर:,12 मार्च (राजन): पंजाब में पिछले 11 महीनों में यूपी-बिहार से भी बदतर हालात हो गए हैं। हर तरफ डर का माहौल है। गैंगस्टर, अपराधी, खालिस्तानी नेता और उनके समर्थक आए दिन पंजाब में कहीं न कहीं अपने होने का सबूत देकर पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन को चुनौती दे रहे हैं। पंजाब सरकार अंधी-बोली और नपुंसक होकर तमाशा देख रही है और इसका खामियाजा पंजाब का आम जनता भुगत रही है। यह बातें भाजपा के राष्ट्रीय नेता राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी और भाजपा पंजाब के वरिष्ठ नेता व् राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य मनोरंजन कालिया ने आज भाजपा अमृतसर शहरी के अध्यक्ष हरविंदर सिंह संधू की अध्यक्षता में भाजपा जिला कार्यालय शहीद हरबंस लाल खन्ना स्मारक में आयोजित पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए कहीं। हरविंदर सिंह संधू ने अपने पदाधिकारियों के साथ राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी तथा मनोरंजन कालिया का भाजपा कार्यालय पहुँचने पर पुष्प गुच्छ व दोशाला भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर उनके साथ मंच पर राजिंदर मोहन सिंह छीना, प्रदेश मीडिया सचिव जनार्दन शर्मा, जिला महासचिव सलिल कपूर, संजीव कुमार, यशिव भूटानी, विन्नी सोनी, सुरिंदर कंवल आदि भी उपस्थित थे।

अमृतपाल व् उसके साथियों ने साहिब श्री गुरु ग्रन्थ साहिब जी को पुलिस थाने में लेजाकर की सरेआम बेअदबी व् मर्यादा को किया तार-तार

राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी ने इस अवसर पर बातचीत करते हुए कहा कि पंजाब में मौजूदा हालात बहुत चिंताजनक बन चुके है। गैंगस्टर और अलगाववादी ताकतें बड़े पैमाने पर घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। लोगों में भय का माहौल बन गया है। अमृतपाल सिंह और उनके साथियों ने हथियारों के बल पर थाने पर कब्जा कर पंजाब पुलिस से मारपीट की और पंजाब में भय का माहौल बनाया। पंजाब सरकार को उन सभी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि डीजीपी ने खुद बताया कि अमृतपाल तथा उसके साथियों ने हथियारों के बल पर थाने पर कब्जा किया था और पुलिस को पीटा गया, लेकिन 17 दिन बाद भी आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई? उन्होंने कहा कि जिस तरह से सरकार ने अलगाववादी और समाज विरोधी तत्वों को एक साथ आने दिया और उन्हें कानून की धज्जियां उड़ाने की इजाजत दी, उससे भगवंत मान सरकार की भूमिका संदेह के घेरे में आती है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी घटना को अंजाम देने के बाद जिस तरह से अमृतपाल व उसके साथी खुलेआम घूम रहे हैं, इससे असामाजिक तत्वों का मनोबल बढ़ गया है और कानून का भय समाप्त हो गया है, जो सभी के लिए गंभीर चिंता का विषय है। क्या भगवंत मान सरकार ने ऐसे असमाजिक तत्वों के समक्ष घुटने टेक दिए हैं? इस मामले में भगवंत मान सरकार की चुप्पी का क्या मतलब है?

एसजीपीसी व् श्री अकाल तख्त साहिब ने क्यूँ साधी चुप्पी

राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी ने कहा कि जिस तरह से अलगाववादियों ने साहिब श्री गुरु ग्रंथ साहिब को ढाल बना कर हथियारों के बल पर घटना को अंजाम दिया, वह भी साहिब श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का तथा पंजाबीयों की धार्मिक भावनाओं का घोर अपमान है। इसने पूरे सिख जगत को सोचने पर मजबूर कर दिया है। अमृतपाल सिंह व् उसके साथियों द्वारा साहिब श्री गुरु ग्रन्थ साहिब जी की मर्यादा को तार-तार करते हुए पुलिस थाने में ले जाकर सरेआम बेअदबी की है, जिसे लेकर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, जो कि खुद को सिखों की मिनी पार्लियामेंट भी कहती है और यह खुद को गुरु साहिब की मर्यादोंओ का सबसे बड़ा पहेरदार बताती है, ने अमृतपाल सिंह तथा उसके साथियों के विरुद्ध कोई एक्शन क्यूँ नहीं लिया? क्या इन्हें साहिब श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी नजर नहीं आई? श्री अकाल तख्त साहिब जो कि सिख जगत के साथ-साथ हर पंजाबी के लिए सर्वोच्च व पूजनीय है और वहां से जारी आदेश गुरु साहिबान का आदेश समझ कर माना जाता है, क्या श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को भी साहिब श्री गुरु ग्रन्थ साहिब जी की गई बेअदबी नजर नहीं आई?

खालिस्तानी गुरपतवंत पन्नू पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनाने में मदद की बात कबूल चुका

राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी ने कहा कि भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मू जी की अमृतसर फेरी वाली सुबह की रात को G-20 के आयोजन वाली जगह GNDU (गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी, अमृतसर) की बाहरी दीवारों पर पुलिस के कड़े सुरक्षा प्रबंधो को धत्ता बताते हुए पुलिस की नाक के नीचे खालिस्तानी गुरपतवंत सिंह पन्नू के खालिस्तान समर्थकों द्वारा बड़े-बड़े बैनर लगा कर जहाँ G-20 सम्मेलन में खलल डालने की कोशिश की गई, वहीं पंजाब सरकार के मुँह पर तमाचा मारते हुए फिर से चुनौती दी गई है। खालिस्तानी गुरपतवंत सिंह पन्नू बार-बार मीडिया के माध्यम से पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनाने में मदद की बात कबूल चुका है और अब आम आदमी पार्टी को उसके मकसद को धरातल पर उतारने की बातें करता है? लगता है भगवंत मान सरकार उसके इस उद्देश्य को पूरा करने में मदद कर रही है। सिद्धू मूसेवाला के पिता अपने बेटे की हत्या के इन्साफ पाने के लिए पंजाब विधानसभा के बाहर धरने पर बैठे हैं, लेकिन भगवंत मान अपनी झूठी वाहवाही बटोरने व केजरीवाल की चापलूसी में मस्त हैं। उन्होंने मांग की कि पंजाब सरकार सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करे।

बजट पेश किया है वो शेखचिल्ली के ख्वाबों जैसा

राणा सोढ़ी ने कहा कि पंजाब सरकार का 2023-24 का पेश जो बजट पेश किया है वो शेखचिल्ली के ख्वाबों जैसा है। इस बजट में ‘आमदनी अट्ठनी, खर्चा रुपया’ बाते गया है। इस बजट में जनता को बहुत उम्मीदें थी, लेकिन बजट में ‘खोदा पहाड़ ओर निकला चूहा’ की कहावत सच हो गई है। जनता मायूस व हैरान है। महिलाओं से 1000 रुपए देने के किए वादे को नहीं किया गया। किसानों से किए वादे नहीं पूरे किए। बजट में जो योजनाएं लागू करने की बात कही गई वो केंद्र की नरेंदर मोदी सरकार द्वारा बाकि सारे देश सहित पंजाब में भी पहले से चलाई जा रही हैं, जिन्हें ना तो पिछली कांग्रेस सरकार ने और ही भगवंत मान सरकार द्वारा लागू नहीं किया और अब भगवंत मान द्वारा अपने बजट में इन्हें लागू करने की बात कह कर जनता को मुर्ख बनाया जा रहा है। राज्य में उद्योग पलायन कर रहे हैं, कोई निवेशक यहाँ उद्योग लगाने के लिए तैयार नहीं है, बेरोज़गारी चरम पर पहुँच गई है, बजट में कोई नई उद्योग पॉलिसी या फिर उद्योगों को बचाने के लिए कोई योजना का जिक्र नहीं है, उद्योगों को महंगी बिजली मिल रही है। पंजाब तबाही की कगार पर खड़ा है ओर इसे बचाने की जरूरत है।

पिछले एक साल के दौरान पंजाब में कानून व्यवस्था की स्थिति बद से बदतर हो गई

मनोरंजन कालिया ने इस अवसर पर कहा कि राज्य की कानून व्यवस्था को बनाए रखना और इसे बेहतर बनाना हर सरकार का प्राथमिक कर्तव्य है। पिछले एक साल के दौरान पंजाब में कानून व्यवस्था की स्थिति बद से बदतर हो गई है। आम आदमी पार्टी पंजाब अपने एक वर्ष के शासन के दौरान कानून व्यवस्था को बनाए रखने में बुरी तरह विफल रही है। आम आदमी पार्टी की सरकार के दौरान पंजाब में गैंगस्टर नामक कानून तोड़ने वालों का एक नया वर्ग फूट पड़ा है जो आतंकवाद के दिनों में भी नहीं देखा गया था। गोइंदवाल साहिब जेल में गैंगस्टरों के दो गुटों के बीच हुई लड़ाई में जेल के अंदर हुई दो हत्याओं और इसका वीडियो वायरल होने से जेल पुलिस प्रशासन की कार्यशैली और गैंगस्टरों के साथ मिलीभगत की पोल खुल गई है। अजनाला थाना की घटना ने पुलिस प्रशासन की लाचारी की पोल खोल दी है। होला मोहल्ला की हाथापाई की घटना के परिणामस्वरूप भीड़ में हत्या से यह स्पष्ट होता है कि पंजाब पुलिस ने अपना खौफ (deterrent effect) खो दिया है।मनोरंजन कालिया ने कहा कि आप के एक साल के शासन में पेट्रोल पंप लूट, बैंक लूट, दिनदहाड़े हत्याएं और फिरौती मांगना आम बात हो गई है। इन घटनाओं ने पंजाब के लोगों के मन में एक डर पैदा कर दिया है। क्या पंजाब आतंकवाद के काले दिनों की ओर वापिस लौट रहा है? कमजोर पुलिस प्रशासन की सीधी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की है। क्योंकि भगवंत सिंह मान पंजाब का गृह विभाग भी संभाल रहे हैं।मनोरंजन कालिया ने कहा कि पंजाब में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर गंभीर चिंता व्यक्त की है और कहा कि मान सरकार पंजाब की कानून विवस्था को बनाये रखने में पूरी तरह से विफल हुई है। मनोरंजन कालिया ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से कहा कि पंजाब की बिगड़ती कानून व्यवस्था को बचाने के लिए अलगाववादी प्रवृत्तियों पर सख्ती से अंकुश लगाएं, नहीं तो इतिहास इसके लिए भगवंत सिंह मान को दोषी ठहराएगा।

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