
अमृतसर, 1 नवंबर: शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ की सिंडिकेट और सीनेट को केंद्र सरकार द्वारा खत्म किए जाने के फैसले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे पंजाब के साथ एक और नाइंसाफी करार दिया। एडवोकेट धामी ने कहा कि यह कदम केंद्र सरकार द्वारा पंजाब की इस प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्था पर और सूबेके अधिकारों पर नियंत्रण स्थापित करने की स्पष्ट साजिश है। उन्होंने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी की यह खासियत थी कि इसकी सीनेट और सिंडिकेट का गठन लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत होता था, लेकिन केंद्र सरकार अब इसे पूरी तरह अपने अधीन करना चाहती है।
पंजाब के लोगों में अलगाव और बेगानगी की भावना
एडवोकेट धामी ने इस फैसले को तानाशाहीपूर्ण और संघीय ढांचे तथा पंजाब पुनर्गठन अधिनियम की खुली उल्लंघना बताया ।धामी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पंजाब के अधिकारों के खिलाफ लिए जा रहे ऐसे एकतरफा फैसले, पंजाब के लोगों में अलगाव और बेगानगी की भावना पैदा कर रहे हैं।
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