
अमृतसर, 29 अप्रैल:पंजाब स्टेट विमेंस कमीशन की चेयरपर्सन राज लाली गिल ने आज अमृतसर पुलिस लाइन में महिलाओं की समस्याएं सुनने के लिए खुला दरबार लगा कर लोक अदालत लगाई और पुलिस अधिकारियों को मौके पर ही शिकायतों का समाधान करने के निर्देश दिए। गौरतलब है कि आज की लोक अदालत में कमीशन ने 33 केस सुने और 70 और मिले हुए केस भी सुने।
पत्रकारों से बात करते हुए चेयरपर्सन ने कहा कि कमीशन हर जिले में जाकर महिलाओं की समस्याओं का समाधान करेगा। उन्होंने कहा कि पीड़ित महिलाएं मोहाली में कमीशन तक नहीं पहुंच पाती हैं, इसलिए कमीशन जिलों में लोक दरबार लगाकर समस्याएं सुनता है और शिकायतों का मौके पर ही समाधान करने की कोशिश करता है। प्रेस पत्रकारों के सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि कमीशन पर कोई पॉलिटिकल प्रेशर नहीं है और कमीशन बिना किसी भेदभाव के मामलों की जांच करता है।

प्रेस पत्रकारों से बात करते हुए चेयरपर्सन ने कहा कि कमीशन पर किसी भी तरह का कोई पॉलिटिकल दखल नहीं है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी रिश्तों में रहकर गलत रास्ते पर जा रही है, जिसे रोकना बहुत ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल से परिवार भी बर्बाद हो रहे हैं और हमारे समाज को सुअर की तरह खा रहे हैं।
चेयरपर्सन राज लाली गिल ने इस लोक अदालत के दौरान करीब 33 मामलों की सुनवाई करते हुए पुलिस जांच अधिकारियों को ज़्यादातर मामलों की दोबारा जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब राज्य महिला आयोग का मानना है कि किसी भी पीड़ित महिला की पूरी सुनवाई होनी चाहिए और उसे समय पर सही इंसाफ मिलना चाहिए।

पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में राज लाली गिल ने कहा कि महिला आयोग महिलाओं के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के मामले में बहुत सख्त है, इसलिए किसी भी आम या खास व्यक्ति को महिलाओं के खिलाफ किसी भी तरह की अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। कमीशन पर पॉलिटिकल प्रेशर के बारे में एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि कमीशन किसी को भी दबाव में नहीं आने देता और बिना किसी पॉलिटिकल या दूसरे प्रेशर के सभी मामलों में मीडिएशन की भूमिका निभाकर ट्रांसपेरेंट तरीके से पीड़ितों को इंसाफ दिलाने का लक्ष्य पूरा कर रहा है।
चेयरपर्सन लाली गिल ने कहा कि मार्च 2024 में उनके ऑफिस संभालने के बाद से अब तक 6000 से ज़्यादा केस सुनवाई के लिए आए हैं, जिनमें से 80 परसेंट का निपटारा हो चुका है। उन्होंने कहा कि आज उनके पास शादी, प्रॉपर्टी, NRI से जुड़े केस, दहेज, लड़कियों और महिलाओं का शोषण, लिव-इन रिलेशनशिप, घरेलू हिंसा वगैरह से जुड़े केस आए।
राज लाली गिल ने कहा कि आजकल इनटॉलेरेंस और टॉलरेंस की कमी की वजह से परिवारों में टेंशन और झगड़े बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ओल्ड एज होम में बढ़ोतरी भी हमारे समाज के लिए चिंता की बात है।
इस मौके पर चेयरपर्सन के साथ कमीशन के डिप्टी डायरेक्टर गुलबहार सिंह तूर, कमीशन की मेंबर सुखबीर कौर और दूसरे सीनियर पुलिस ऑफिसर भी लोक अदालत में मौजूद थे।
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