
अमृतसर, 6 जुलाई:पंजाब कांग्रेस में जारी अंदरूनी खींचतान के बीच पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी गुट ने पार्टी प्रभारी भूपेश बघेल के साथ होने वाली बैठक से दूरी बना ली। सूत्रों के मुताबिक, इस गुट के नेता हाईकमान से मुलाकात के लिए दिल्ली रवाना हो गए हैं। बघेल 5 दिन के दौरे पर आए हैं। इससे पहले कुछ दिन पहले अमित शाह से मिलकर लौटे गुरदासपुर से कांग्रेस के सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा पूर्व सीएम चरणजीत चन्नी के हक में उतर आए।
मोहाली में उन्होंने नेताओं के साथ मीटिंग की। जिसमें जालंधर कैंट के विधायक प्रगट सिंह व नए वर्किंग प्रधान संगत सिंह गिलजियां भी पहली बार चन्नी के साथ नजर आए। रंधावा और चन्नी ने अपने सोशल मीडिया पर इनके फोटो व.वीडियो जारी किए हैं। चन्नी ने लिखा- पहले हुई मीटिंग की कंटीन्यूटी में यह मीटिंग है। इनमें चन्नी के साथ सांसद रंधावा, विधायक बरिंदरमीत सिंह पाहड़ा, विधायक प्रगट सिंह, विधायक तृप्त राजिदंर सिंह बाजवा, संगत सिंह गिलजियां, पूर्व मंत्री भारत भूषण आशू, पूर्व विधायक इंद्रबीर सिंह बुलारिया और पूर्व विधायक कुशलदीप सिंह ढिल्लों समेत अन्य नेता नजर आ रहे हैं। कैप्शन में ‘यूनिटी इज स्ट्रेंथ’ लिखा है। इस फोटो में पार्टी के पंजाब प्रधान राजा वडिंग नहीं है। हालांकि उन्होंने चन्नी गुट के इस फोटो को सोशल मीडिया पर शेयर कर “Unity is Strength” लिखा गया।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 में कांग्रेस विपक्ष में है और 2027 के विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। अगर हाईकमान ने समय रहते ठोस फैसला नहीं लिया, तो 2021 की तरह यह गुटबाजी एक बार फिर इतिहास दोहरा सकती है और कांग्रेस को भारी नुकसान पहुंचा सकती है।
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