
अमृतसर 11 सितंबर:देशभर के बैंक कर्मचारियों ने शुक्रवार को लंबित मांगों को लेकर एक दिन की हड़ताल की। इसका सबसे ज्यादा असर सरकारी बैंकों के कामकाज पर पड़ा। हड़ताल के कारण बैंकिंग लेन-देन, चेक क्लियरेंस और अन्य सेवाएं प्रभावित रहीं, जिससे ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अमृतसर में भी विभिन्न बैंकों के कर्मचारी हड़ताल में शामिल और केंद्र सरकार व बैंक प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया।
कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री से उनकी मांगों पर जल्द फैसला लेने की अपील की। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ एसोसिएशन ( चंडीगढ़ सर्कल) और ऑफिसर्स यूनियन के आह्वान पर कर्मचारियों ने विरोध जताया। यूनियन नेताओं ने बताया कि 8 मार्च 2024 को सरकार के साथ लिखित समझौता हुआ था। प्रदर्शनकारी बोले- निचले स्तर के कर्मचारियों को कम लाभ मिलता है इसमें प्रतिदिन काम के समय में 40 मिनट की बढ़ोतरी कर सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने का फैसला हुआ था। उनका आरोप है कि कई दौर की बातचीत के बावजूद इसे लागू नहीं किया गया।
कर्मचारियों ने प्रोत्साहन राशि में भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि बड़े अधिकारियों को लाखों रुपए तक की इंसेंटिव राशि मिल रही है, जबकि निचले स्तर के कर्मचारियों और क्लेरिकल स्टाफ को काफी कम लाभ मिलता है। उन्होंने सभी कर्मचारियों के लिए समान प्रोत्साहन की मांग की। यूनियनों ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिन की हड़ताल होगी। इसके बाद 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गई है। नेताओं ने कहा कि सरकार को कानूनी नोटिस भी भेजा गया है।
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