
अमृतसर, 19 मार्च(राजन): श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार एवं तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने कार्यालय सचिवालय श्री अकाल तख्त साहिब से जारी लिखित प्रेस बयान में कहा है कि पंजाब पुलिस राज्य बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब का गुरबाणी में आदेश है; किसान जमीन पर खेती करता है, वह जीना चाहता है। किसान अपने परिवार और अपने समुदाय का भरण-पोषण करने के लिए काम करता है। लेकिन आज जो कुछ हो रहा है, जिस तरह से बातचीत के लिए आ रहे किसान नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया है और जिस तरह से प्रदर्शनकारी किसानों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करके धरना खत्म कराया गया है, वह सब उसी चक्र का हिस्सा है जो पिछले कुछ समय से पंजाब में चल रहा है।
विरोध प्रदर्शनों से उभरी सरकार अब लोकतांत्रिक मूल्यों को दबाने की ओर बढ़ रही
जत्थेदार ने कहा कि विरोध प्रदर्शनों से उभरी सरकार अब लोकतांत्रिक मूल्यों को दबाने की ओर बढ़ रही है।
जत्थेदार कुलदीप सिंह ने कहा कि बड़ा सवाल यह है कि जब भारत में संवैधानिक लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था है तो उसकी जगह इस तरह के अमानवीय कृत्य करना किस लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था का हिस्सा है? यद्यपि इस न्यायिक व्यवस्था ने कभी भी सिखों को न्याय नहीं दिया है, फिर भी न्याय व्यवस्था के बजाय पुलिस ही न्यायालय क्यों है? जत्थेदार ने कहा कि सिखों का अनुभव यह है कि ब्रिटिश शासन के बाद से जब भी पुलिस को निरंकुश शक्तियां दी गई हैं, तो इससे आम लोगों की हत्याएं हुई हैं। इसका एक उदाहरण हमारे सामने है कि तीस-पैंतीस साल पहले जब पुलिस को जरूरत से ज्यादा अधिकार दिए गए थे, तो उन्होंने उसका दुरुपयोग किया और सिख युवकों के खिलाफ फर्जी पुलिस मुठभेड़ें कीं। आज उन मामलों में दोषी पुलिस अधिकारियों को सीबीआई अदालतों में सजा मिल रही है, लेकिन आज फिर वही माहौल बनाया जा रहा है। आज भी ऐसी फर्जी पुलिस मुठभेड़ें रची जा रही हैं और युवाओं को शिकार बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक तरफ सेना के कर्नल और उसके परिवार पर पुलिस द्वारा किए गए अत्याचार का मामला उजागर हुआ तो दूसरी तरफ जब पूर्व और वर्तमान सैन्य अधिकारियों के दबाव के कारण दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है तो पुलिस ‘अपरिचित’ हो गई है। इसी तरह आज किसानों पर अत्याचार हो रहा है।
पंजाब में कानून का राज नहीं बल्कि पुलिस का राज
जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा कि पंजाब में किसानों के विरोध के कारण अगर कोई मुद्दा उठ रहा है तो उसे बातचीत के जरिए सुलझाया जाना चाहिए। क्योंकि अब तक सभी पार्टियां किसानों के धरनों में जाती रही हैं और उनसे समर्थन मांगती रही हैं और आज उन्हीं किसानों पर हमला हो रहा है। ऐसा लगता है कि पंजाब में कानून का राज नहीं बल्कि पुलिस का राज है और यह बहुत खतरनाक बात है, क्योंकि पंजाब में हमेशा से पुलिस राज रहा है। पंजाब ने लंबे समय तक कष्ट झेला है। उन्होंने कहा कि गुरबाणी का एक फरमान है; चूली न्याव के राजा, राजा का सच्चा ध्यान क्या है? राजा का काम न्याय करना है और वर्तमान शासक जनता द्वारा चुने गए हैं। इसलिए सरकार को वोट देने वालों को न्याय दिलाने की बजाय उन पर दबाव डालने से बचना चाहिए। सरकार को यह याद रखना चाहिए कि किसानों के आंदोलन के खिलाफ इस तरह की पुलिस बर्बरता का पंजाबी मन पर गहरा और नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
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