
अमृतसर, 20 अप्रैल :सिख विचारक प्रो. सरचंद सिंह ख्याला ने कहा कि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा जारी हुक्मनामा का पालन न करने का आरोप लगाकर राजनीति कर रही शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की पूर्व अध्यक्ष बीबी जागीर कौर को बताना चाहिए कि क्या केवल उनके राजनीतिक विरोधी ही श्री अकाल तख्त साहिब के हुक्मनामा का पालन करने के लिए बाध्य हैं? क्या वे स्वयं गुरुग्रंथ-गुरुपंथ के प्रति समर्पित हैं और परंपराओं के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध हैं?प्रो. सरचांद सिंह ने कहा कि अकाल तख्त साहिब द्वारा सिख समुदाय को तथाकथित सिख प्रचारक रणजीत सिंह ढडरियांवाला का बहिष्कार करने का हुक्मनामा जारी करने के बावजूद बीबी जागीर कौर ने कपूरथला जिले के नडाला में ढडरियांवाला के डेरे की नई शाखा के उद्घाटन के अवसर पर उनके साथ मंच साझा करके सीधे तौर पर अकाल तख्त साहिब को चुनौती दी है। लेकिन मुझे आश्चर्य है कि बीबी जागीर कौर द्वारा की गई इस बड़ी अवज्ञा के बावजूद, श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया गया। क्या इस मामले में नये जत्थेदार की चुप्पी उनकी कमजोरी साबित नहीं करती? या फिर उन्हें श्री अकाल तख्त साहिब से जारी हुक्मनामा की कोई समझ नहीं है? उन्होंने कहा कि पंथ के लिए यह और भी शर्मनाक बात है कि एसजीपीसी के पूर्व अध्यक्ष और एसजीपीसी के मौजूदा सदस्य ने शर्मनाक तरीके से श्री अकाल तख्त साहिब से मुंह मोड़ लिया है और हुक्मनामा का उल्लंघन करके पंथिक परंपराओं के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने सवाल किया कि क्या बीबी जागीर कौर खुद को संगत से ऊपर समझती हैं कि ढडरियांवाला के संबंध में जारी किया गया फरमान उन पर लागू नहीं हो सकता? क्या यह बीबी जी का श्री अकाल तख्त साहिब के प्रति समर्पण है?

पांच सिंह साहिबानों ने 24 अगस्त 2020 को एक बैठक में हुक्मनामा किया जारी
प्रो. सरचंद सिंह ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब ने रणजीत सिंह ढडरियांवाला द्वारा पंथिक परंपराओं और गुरमत के संबंध में की गई गलत बयानी की जांच के लिए विद्वानों की एक उप-समिति का गठन किया था। जिसकी रिपोर्ट पर श्री अकाल तख्त साहिब पर पांच सिंह साहिबानों ने 24 अगस्त 2020 को एक बैठक में हुक्मनामा जारी किया, जिसमें कहा गया कि रणजीत सिंह ढडरियांवाला ने गुरमत के संबंध में कुछ गलत बयानबाजी की है और उन्होंने इन बयानों के संबंध में स्पष्टीकरण देने से भी उसने इनकार कर दिया है। इसलिए देश-विदेश के सिख संगतों, संस्थाओं और गुरुद्वारा प्रबंधकों को आदेश दिया गया कि वे ढडरियांवाला के कार्यक्रमों का तब तक बहिष्कार करें जब तक वह श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होकर अपने झूठे बयानों के लिए माफी नहीं मांग लेते। अकाल तख्त साहिब ने ढडरियांवाला को चेतावनी दी थी कि अगर वह बाज नहीं आए तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ढडरियांवाला अकाल तख्त साहिब पर पेश नहीं हुआ है
प्रो. सरचंद सिंह ने कहा कि ढडरियांवाला अकाल तख्त साहिब पर पेश नहीं हुआ है और अभी भी भगोड़ा है । जो अकाल तख्त साहिब के प्रति उनके समर्पण पर प्रश्नचिह्न लगाता है। उनका अहंकार उन्हें अकाल तख्त के प्रति समर्पित होने की अनुमति नहीं दे रहा है। ऊपर से बीबी जागीर कौर जैसी शख्सियतें उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं और ताकत बढ़ाकर उनके अहंकार और गर्व को और मजबूत करने की कोशिश कर रही हैं।
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