एक हज़ार से ज़्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया: डिप्टी कमिश्नर

अमृतसर,29 अगस्त (राजन):रावी नदी में जलस्तर बढ़ने के कारण अजनाला और लोपोके उपमंडलों के कई गाँवों में बाढ़ से उत्पन्न स्थिति को देखते हुए, डीसी साक्षी साहनी के नेतृत्व में जिला प्रशासन युद्धस्तर पर राहत कार्य जारी रखे हुए है, जिसमें नागरिक टीमों के अलावा सेना, एनडीआरएफ, पुलिस और गैर सरकारी संगठन लगातार काम कर रहे हैं।बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत सामग्री पहुँचाने के लिए टीमें लोगों के घर पहुँच रही हैं और ज़रूरतमंदों को पेयजल, राशन, दवाइयाँ, पशुओं के लिए चारा और चारे का वितरण लगातार जारी है। आज प्रभारी सचिव कमल किशोर यादव ने यहाँ किए जा रहे राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर आने की अपील करते हुए कहा कि प्रशासन ने जिले में अस्थायी तौर पर राहत शिविर स्थापित किए हैं जहाँ रहने और खाने-पीने की सभी व्यवस्थाएँ की गई हैं।
लगभग 50 गांव बाढ़ की चपेट में थे

प्रशासन के अनुसार गुरुवार तक अमृतसर के तकरीबन 50 गांव बाढ़ की चपेट में थे। लेकिन आज 10 से अधिक और गांव बाढ़ की चपेट मे आ गए हैं। इतना ही नहीं, पानी का स्तर भी लगातार बढ़ता जा रहा है। जो अमृतसर के लिए खतरे की घंटी है। उन्होंने बताया कि अब तक प्रशासनिक टीमों ने पानी में फंसे एक हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।

बाढ़ पीड़ितों को सामग्री पहुंचाई जा रही
राहत कार्यों के तहत रेड क्रॉस की मदद से बाढ़ पीड़ितों को करीब 45,000 पानी की बोतलें और 17,000 से अधिक फूड पैकेट बांटे जा चुके हैं। इसके साथ ही पशुपालन विभाग ने पंजाब एग्रो के सहयोग से लगभग 100 क्विंटल सूखा चारा और 50-50 किलो के 850 बैग पशु आहार के रूप में वितरित किए हैं। प्रभावित इलाकों में पशुओं के इलाज के लिए वेटनरी डॉक्टरों की ड्यूटियां लगाई गई हैं और उनका मुफ्त इलाज किया जा रहा है। डिप्टी कमिश्नर ने यह भी बताया कि जरूरतमंद मरीजों के लिए चिकित्सा टीमें भी तैनात की गई हैं और वहांडॉक्टरों द्वारा जांच के साथ मुफ्त दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही है।
सुबह 6:00 बजे से राहत कार्यों में लगे हुए

आज डिप्टी कमिश्नर अमृतसर के साथ-साथ अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर श्री रोहित गुप्ता, एसडीएम अमृतसर गुरसिमरन सिंह ढिल्लों, एसडीएम अजनाला रविंदर सिंह, जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक अमनदीप सिंह, सचिव रेड क्रॉस सैमसन मसीह और अन्य अधिकारी सुबह 6:00 बजे से राहत कार्यों में लगे हुए हैं। आज जहाँ ज़रूरतमंदों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने का काम जारी रहा, वहीं ज़रूरतमंदों को पीने के पानी और राशन की आपूर्ति भी सुनिश्चित की गई।
सेना और अन्य एजेंसियों की मदद से ज़रूरतमंदों को निकालने और राहत सामग्री वितरित करने में लगे हुए
जिला पुलिस प्रमुख मनिंदर सिंह अपनी टीम के साथ बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए लगातार काम कर रहे हैं और वे सेना और अन्य एजेंसियों की मदद से ज़रूरतमंदों को निकालने और राहत सामग्री वितरित करने में लगे हुए हैं। डीसी ने लोगों से अपील करते हुए यह भी कहा कि जब तक स्थिति स्थिर नहीं हो जाती, वे प्रशासन द्वारा लगाए गए राहत शिविरों में आकर रहें। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों के लिए राहत शिविरों में आवास, भोजन, दवाइयाँ और अन्य बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
इन क्षेत्रों की इमारतें पानी में पूरी तरह से डूबी
इस बीच, बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के स्कूलों का दौरा करने वाले जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक राजेश कुमार ने बताया कि गाँव जट्टां, पछियाँ, निसोके, नांगल सोहल, मच्छीवाला, बौली, रमदास, गग्गोमहल, अवान, मलकपुर, दुजोवाल, थोबा और सूफी के स्कूलों की इमारतें पूरी तरह पानी में डूबी हुई हैं। उन्होंने बताया कि चम्यारी और सुधार स्कूलों में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आए सेना के जवानों ने अपना निवास बना लिया है और हम उनकी हर संभव मदद कर रहे हैं।
” अमृतसर न्यूज अपडेट्स ” की खबर व्हाट्सएप पर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक को क्लिक करके व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करें