
अमृतसर, 24 जनवरी :प्रख्यात नाटककार और ‘पंजाब गौरव’ से सम्मानित जतिंदर बराड़ का निधन हो गया है। उनके निधन से कला, साहित्य और रंगमंच जगत में एक गहरा शून्य पैदा हो गया है। बराड़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई सम्मानों से नवाजा गया था। उन्हें 2023 में ग्रे शेड्स की तरफ से कीरत कमाई अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। जतिंदर बराड़ ने थिएटर और साहित्य के क्षेत्र में एक संस्था के रूप में कार्य किया। पंजाबी रंगमंच और सिनेमा जगत में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने मानव संवेदनाओं और सामाजिक सरोकारों पर आधारित कई रचनाएं कीं।
ग्रामीण पृष्ठभूमि में हुआ था जन्म
बराड़ का जन्म एक ग्रामीण पृष्ठभूमि में हुआ था।
उनके पिता सिंचाई विभाग में कार्यरत थे और सिद्धांतों के पक्के होने के कारण उनका अक्सर दुर्गम क्षेत्रों में तबादला होता रहता था। इन परिस्थितियों ने उनके बचपन को संघर्षपूर्ण बनाया और उन्हें दृढ़ता प्रदान की। कंबाइन ऑपरेटर के रूप में भी काम किया औपचारिक नाट्य शिक्षा न होने के बावजूद, उन्होंने 1965 में स्कूल के दिनों में अपना पहला नाटक “डारमिटरी” मंचित किया। मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद, उन्होंने 1968 में बटाला में नौकरी के दौरान मजदूरों की पीड़ा पर आधारित नाटक ” आयरन फर्नेस ” लिखा। बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी और कंबाइन ऑपरेटर के रूप में भी काम किया।जतिंदर बराड़ प्रसिद्ध रंगकर्मी भाई गुरशरण सिंह के साथ भी जुड़े रहे। 1998 में, उन्होंने अमृतसर में खालसा कॉलेज के सामने एक फैक्ट्री परिसर में ओपन एयर थिएटर की स्थापना की, जिसने उनके रचनात्मक सफर को नई दिशा दी।
शहीदां साहिब श्मशान घाट में होगा
81 वर्ष की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले बराड़ का अंतिम संस्कार शहीदां साहिब श्मशान घाट में सोमवार 26 जनवरी को दोपहर 2 बजे किया जाएगा। बराड़ के निधन से समूचे थिएटर, साहित्य, सियासत, सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।जतिंदर बराड़ काफी समय से थोड़े अस्वस्थ थे और आज सुबह अपने घर में ही उन्होंने अंतिम सांस ली। बराड़ जी अपने पीछे अपनी पत्नी, दो बेटे और पोते पोतियों से भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
” अमृतसर न्यूज अपडेट्स ” की खबर व्हाट्सएप पर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक को क्लिक करके व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करें
Amritsar News Latest Amritsar News