
अमृतसर, 27 जून : नगर निगम के पंडित दीनदयाल उपाध्याय पार्किंग स्टैंड को लेकर बड़ा घोटाला सामने आया है। नगर निगम के एस्टेट विभाग द्वारा भंडारी पुल पर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय शॉपिंग कोप्लेक्स में मल्टी स्टोरी पार्किग स्टैंड का ई ऑक्शन टेंडर लगाया गया था। इस टेंडर को चार ठेकेदारों ने भरा था। इस पार्किंग स्टैंड का टेंडर एक ठेकेदार द्वारा सबसे अधिक राशि 4292160 रुपए भरी गई। नगर निगम के एस्टेट विभाग द्वारा 27 नवंबर 2025 इस ठेकेदार के नाम अलॉटमेंट लेटर तैयार कर दी गई। नगर निगम एक्ट के अनुसार जिस कंपनी को ठेका देना होता है, उस कंपनी से ठेके की 50% राशि की बैंक गारंटी लेनी होती है। इसके साथ-साथ उस कंपनी द्वारा एग्रीमेंट भी किया जाता है।
ना ही बैंक गारंटी ली गई ना एग्रीमेंट किया
नगर निगम के एस्टेट विभाग द्वारा इस ठेकेदार कंपनी से ना ही 50% ठेके की राशि की बैंक गारंटी ली गई और ना ही एग्रीमेंट किया गया। किंतु यह पार्किंग स्टैंड ठेकेदार द्वारा 28 नवंबर 2025 से चलाना शुरु कर दिया गया। अभी तक यह पार्किंग स्टैंड ठेकेदार द्वारा चलाए जा रहा है।इसी बीच नगर निगम के पार्किंग स्टैंड क्लर्क द्वारा पत्र जारी किए गए। इसी बीच इस पार्किंग ठेकेदार कंपनी द्वारा मामूली सी कुछ राशि दी गई। नगर निगम के एस्टेट अफ़सर द्वारा ठेकेदार के विरुद्ध कोई भी कार्रवाई नहीं की गई।एस्टेट विभाग द्वारा मात्र पत्राचार ही किया गया।
मामला पहुंचा नगर निगम कमिश्नर के पास
इसको लेकर जब मामला नगर निगम कमिश्नर बिक्रमजीत सिंह शेरगिल के पास पहुंचा, तब निगम कमिश्नर द्वारा कड़ा संज्ञान लेते हुए इसकी रिपोर्ट नगर निगम के डीसीएफए से मांगी गई। 9 जून को डीसीएफए द्वारा नगर निगम कमिश्नर को रिपोर्ट दी गई कि ठेकेदार कंपनी से मामूली सी रकम आई है। रिपोर्ट में कहा गया कि एस्टेट विभाग द्वारा पार्किंग स्टैंड ठेकेदार से चेक लिए गए हैं। उन चेकों को बैंकों में नहीं लगाया गया। इस वक्त तक नगर निगम द्वारा पार्किंग स्टैंड ठेकेदार से लगभग 17.25 लाख रुपयो से ऊपर की राशि लेनी बनती है।अब उन चैको में से तीन चैको का समय निकल चुका है। अब तीन चेक जिनकी राशि 1052101 रुपए बनती है लग सकते हैं। नगर निगम द्वारा इन तीन चेकों को 10 जून को बैंक में लगा दिया गया। तीनों चेक ही बैंक से डिसऑनर हो चुके हैं। डिसऑनर हुए चैको की अभी तक यानी 26 जून तक नगर निगम को ठेकेदार कंपनी से भुगतान नहीं मिला है।
नियम कानून की उड़ाई जा रही धज्जिया
इस पार्किंग स्टैंड घोटाले को लेकर निगम एस्टेट विभाग द्वारा नियम कानून की धज्जियां उड़ाई गई है। निगम एस्टेट अफ़सर पर पहले भी लोकल बॉडी विभाग में कुछ जांच चल रही है। जिस कारण उस अधिकारी को पिछले लंबे समय से तरक्की नहीं मिल रही है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय पार्किंग स्टैंड को लेकर उच्च स्तरीय जांच करवाई गई तो बहुत कुछ सामने आ जाएगा।
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