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नगर निगम द्वारा विकास कार्यों की ग्रांट की राशि अन्य कार्यों पर खर्च करने के कारण शहर के बड़े-बड़े विकास कार्य के प्रोजेक्ट ठप्प : प्रिमिक्स प्लॉट भी 2 महीने बाद हो जाने बंद

नगर निगम अमृतसर कार्यालय की तस्वीर।

अमृतसर , 13 अक्टूबर (राजन): पंजाब के विधानसभा चुनाव शुरू होने में मात्र 3 महीने रह गए हैं। जब विधानसभा चुनाव सिर पर हो तब प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्य की झड़ी लग जाती है। किंतु नगर निगम अमृतसर द्वारा विकास कार्यों की ग्रांट जिसमें मुख्य तौर पर केंद्र सरकार की स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फारकैपिटल इन्वेस्टमेंट (सासकी) के लगभग 23 करोड़ रूपया एन कैप का लगभग 9 करोड़ रूपया और रोड कटिंग का लगभग 8 करोड़ रूपया जो कुल लगभग 40 करोड़ रुपए की राशि शामिल है।नगर निगम द्वारा इस राशि को  विकास कार्य करवाने वाले ठेकेदारों को न देकर अन्य जगह खर्च कर दी है।

नगर निगम के प्रिमिक्स से सड़के बनवाने के कार्य पूरी तरह से बंद

इसके अलावा विकास कार्यों करवाने की अन्य ग्रांटो की राशि भी निगम निगम द्वारा किसी और मद में खर्च कर दी गई है। जिससे विकास कार्य करवाने वाले ठेकेदारों द्वारा विकास कार्य बंद कर दिए गए हैं। जिसमें मुख्य तौर पर प्रिमिक्स से सड़के बनवाने के कार्य भी पूरी तरह से बंद है। हर साल सितंबर,अक्टूबर और नवंबर महीने में प्रीमिक्स से नगर निगम के सड़के बनवाने के कार्य तेजी से चलते हैं। किंतु पिछले एक महीने से प्रिमिक्स से सड़के बनवाने वाले नगर निगम अमृतसर के कार्य ठप्प पड़े हुए हैं। जबकि अन्य विभागों द्वारा सड़के बनवाने के कार्य करवाए जा रहे हैं। दो महीने बाद सर्दी बढ़ जाने से  हॉट मिक्स प्लांट बंद हो जाने हैं।

  बड़े ठेकेदारों को जब सड़के बनवाने के लिए कहा जाता है, ठेकेदार काम नहीं शुरू कर रहे

शहर की नगर निगम की सड़के कुछ विधानसभा क्षेत्र में काफी टूटी हुई है। नगर निगम द्वारा शहर की सड़कों को बनवाने के लिए करोड़ो रुपयो  के तीन चार बड़ी कंपनियों को वर्क आर्डर जारी किए हुए हैं। नगर निगम की सड़के टूटी होने के कारण लोगों को भारी परेशानियों से गुजरना पड़ रहा है। जब शहर के विधायकों द्वारा टूटी हुई सड़कों को बनवाने के लिए जिनको वर्क आर्डर जारी हुए हैं, उन ठेकेदार कंपनियों से संपर्क करके सड़के बनाने के लिए कहा जाता है, तब  ठेकेदार कंपनियों द्वारा काम नहीं शुरू किया जा रहा है। सड़के बनवाने वाली ठेकेदार कंपनियों का कहना है, उन्होंने जिस जिस ग्रांट को लेकर सड़के बनवाने के टेंडर भरे थे, नगर निगम द्वारा उस ग्रांट की राशि  कहीं और खर्च कर दी है। उन ठेकेदारों कंपनियों का कहना है, उनके नगर निगम पर इस वक्त करोड़ों रुपया बकाया भुगतान पड़े हुए हैं। जब तक उनका भुगतान नहीं होता तब तक वह आगे कार्य नहीं शुरू कर सकते हैं।

विधानसभा सेशन में भी उठ सकता मुद्दा

नगर निगम अमृतसर द्वारा शहर के विकास कार्य करवाने वाली ग्रांटों की राशि को अन्य कार्यों पर खर्च करने का पंजाब विधानसभा सेशन में भी मुद्दा उठ सकता है। पंजाब विधानसभा का सेशन 22 अक्टूबर से 27 अक्टूबर तक चलना है। नगर निगम द्वारा केंद्र सरकार की सासकी ग्रांट, केंद्र सरकार एन कैप ग्रांट, पंजाब सरकार की विकास कार्यों की अन्य ग्रांट और नगर निगम को अलग-अलग ग्रांट के आई करोड़ों रुपए की राशि नगर निगम अमृतसर द्वारा अपने बैंक के अकाउंटो में ट्रांसफर कर कैसे अन्य मद पर खर्च कर लिए गए । इसकी उच्चस्तरीय जांच होगी तो निगम के अकाउंट ब्रांच के अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है।

नगर निगम को प्रॉपर्टी टैक्स और अन्य विभागों से करोड़ों रुपयो  की इनकम आई

नगर निगम को प्रॉपर्टी टैक्स पर 30 सितंबर से पहले 10% रिबेट देने पर करोड़ो रुपयो की इनकम आई है। इसके अलावा पिछले डेढ़ महीने में नगर निगम को अपने अन्य विभागों से भी करोड़ों रुपयो  की इनकम आई है। इससे निगम के बड़े और छोटे ठेकेदारों को भुगतान होने की उम्मीद जागी थी। इसके बावजूद भी बड़े और छोटे ठेकेदारों का भुगतान नहीं हुआ है। दो दर्जन से अधिक छोटे ठेकेदार भी भारी परेशानी से गुजर रहे हैं। नगर निगम अधिकारियों द्वारा छोटे ठेकेदारों को 20 अक्टूबर तक बकाया भुगतान करने का आश्वासन दिया हुआ है।

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