
अमृतसर, 16 अक्टूबर:तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका आरोप है कि शिरोमणि अकाली दल के नेता विरसा सिंह वल्टोहा लगातार उन्हें और उनके परिवार पर लगातार आरोप लगा रहे थे।उनकी जाति तक परखी गई। उनका आरोप है कि शिरोमणि अकाली दल की सोशल मीडिया टीम भी उनका साथ दे रही है। उन्होंने बेहद भावुक होकर कहा कि वह विरसा सिंह वल्टोहा से डरते नहीं है, लेकिन शिरोमणि अकाली दल की ओर से उसका साथ देना बेहद दुखी कर रहा है, इसीलिए वह इस्तीफा दे रहे हैं। क्योंकि वह सिर्फ जत्थेदार ही नहीं बल्कि बेटियों के पिता भी हैं। उन्होंने पंजाब और केंद्र सरकार को सिक्योरिटी वापस लेने को कहा है।
आरोप प्रत्यारोप के बीच इस्तीफा
अकाली दल के विरसा सिंह वल्टोहा ने कुछ दिन पहले सोशल मीडिया के जरिए आरोप लगाया था कि जत्थेदार आरएसएस और बीजेपी के दबाव में काम करते हैं। जिसके बाद श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से उन्हें 15 अक्तूबर को पेश होने के लिए सबूतों सहित बुलाया था। कल जब विरसा सिंह वल्टोहा पेश हुए तो उन्होंने अपना स्पष्टीकरण दिया वहीं श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह के खिलाफ सबूतों की एक पेनड्राइव भी सौंपी। जिसक बाद श्री अकाल तख्त साहिब के पांचो सिंह साहिबानों ने बैठक की और फैसला किया कि विरसा सिहं वल्टोहा को अकाली दल से 10 साल के लिए निष्कासित किया जाए।
आंखों में आंसू लेकर कहा कि मेरी जात तक परखी गई
ज्ञानी हरप्रीत सिंह बेहद भावुक होकर कहा कि बीते दिन विरसा सिंह वल्टोहा के खिलाफ श्री अकाल तख्त साहिब कीbओर से आदेश दिए गए थे। लेकिन उसके बाद भी लगातार हर घंटे उन्हें धमकिया दी जा रही हैं और उसके परिवार को नंगा करने के बारे में कहा जा रहा है और उनकी बेटियों के.बारे में भी बोला जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह विरसा सिंह वल्टोहा से डरने वाले नहीं है, लेकिन विरसा सिंह वल्टोहा का साथ शिरोमणी अकाली दल का सोशल मीडिया विंग कर रहा
है और अकाली दल के नए लीडर कर रहे हैं जिनका पंथक परम्पराओं से कोई लेना देना नहीं हो वह उनका साथ दे रहे हैं।
विरसा वल्टोहा से वो डरने वाले नहीं
ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि विरसा वल्टोहा से वो डरने वाले नहीं है लेकिन अकाली दल के थर्ड क्लास नेताओं का उसका साथ देना उन्हें बेहद दुखी कर रहा है। उन्होंने कहा कि वह बेटियों के पिता भी हैं, इसीलिए वह इस्तीफा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह एसजीपीसी का धन्यवाद करते हैं जिन्होंने उनका साथ दिया, वह सोच भी नहीं सकते थे कि विरसा सिंह वल्टोहा इतना ज्यादा गिर जाएंगे। उन्होंने कहा कि बीजेपी और आरएसएस के एजेंट होने का आरोप लगाने की जो कोशिश उनकी असफल रही उसके बाद अब वह घटिया हरकतों पर उतर आए हैं। उन्होंने कहा कि वह पंथ के लोगों को जानकारी देना चाहते थे और अपनी संस्था का हमेशा सम्मान करते रहे हैं और करते रहेंगे।
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