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अटारी विधानसभा क्षेत्र की सभी प्रमुख सड़कें शानदार बनेंगी, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रखी आधारशिला

अटारी (अमृतसर); 17 अप्रैल(राजन):पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज अमृतसर के अटारी क्षेत्र में एक व्यापक विकास अभियान की शुरुआत करते हुए 137 किलोमीटर लंबी 121 सड़कों के नवीनीकरण के लिए 57.80 करोड़ रुपये की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सीमा के साथ अपनी रणनीतिक स्थिति के बावजूद लंबे समय से उपेक्षित क्षेत्रों में अब निवेश, बेहतर संपर्क और नई आर्थिक गतिविधियां देखने को मिलेंगी।

इस पहल को बेहतर शासन और सीमा सुधारों के साथ रखते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार कांटेदार तार को सीमा वाले तरफ करके किसानों के लिए बिना रुकावट खेती हेतु लाखों एकड़ जमीन को खोलने, नशों के खतरे को जड़ से खत्म करने और 2027 में पंजाब को विकास के नाम पर जनादेश स्थापित करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हमारी सरकार के सत्ता में आने से पहले पंजाब को काला दौर भी देखना पड़ा, जब नशों के कारोबार ने पंजाब में पैर पसार लिए। सत्ता में बैठे लोगों ने इसे संरक्षण देकर राज्य में नशों के कारोबार को फलने-फूलने के लिए अपने अधिकार का दुरुपयोग किया। उन्होंने कहा कि काले दिनों के दौरान राज्य सरकार के वाहनों का उपयोग राज्य के एक हिस्से से दूसरे हिस्से में नशों की सप्लाई के लिए किया जाता था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नेताओं ने प्रदेश की तरक्की और खुशहाली को पटरी से उतार कर पंजाब और हमारी युवा पीढ़ियों के रास्ते में कांटे बोए। इन नेताओं के हाथ प्रदेश के खिलाफ इस अपराध से रंगे हुए हैं और इतिहास इन्हें पंजाब की पीठ में छुरा घोंपने के लिए कभी माफ नहीं करेगा। इन पार्टियों ने युवाओं की नसों में नशे का जहर भरकर प्रदेश की पीढ़ियों को तबाह कर दिया, जिसके लिए उन्हें कभी माफ नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यह कितनी हास्यास्पद बात है कि जो लोग नशों से पंजाब को तबाह करने के जिम्मेदार हैं, वही लोग अब लोगों को मूर्ख बनाने के लिए झूठे दावे कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि इन सरकारों ने कभी प्रदेश और लोगों की परवाह नहीं की, बल्कि सिस्टम को तबाह कर दिया, जिससे युवाओं में विदेश जाकर बसने का रुझान पैदा हुआ। प्रदेश से नशों की कुरीति को जड़ से उखाड़ने के लिए ‘आप’ सरकार ने कड़े प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि नशों की समस्या प्रदेश पर एक कलंक थी और इस अभिशाप को मिटाने के लिए ‘आप’ सरकार को रणनीति बनाने में दो साल से अधिक समय लगा।

उन्होंने कहा कि आप सरकार ने ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान शुरू किया, जिसके तहत नशों की सप्लाई लाइन को तोड़कर इस घिनौने अपराध में शामिल तस्करों को सलाखों के पीछे डाला गया। आम लोगों के सक्रिय समर्थन और सहयोग से हर स्तर पर नशों के अभिशाप का सफाया किया जा रहा है और इस अभियान को आम लोगों के सहयोग से जन आंदोलन में बदल दिया गया है। ‘आप’ सरकार ने इस घिनौने अपराध में शामिल बड़ी मछलियों को सलाखों के पीछे डालकर और नशा तस्करों पर शिकंजा कसकर नशों के कारोबार की रीढ़ तोड़ दी है।

उन्होंने कहा, “अकालियों ने अपने निजी सियासी हितों के लिए धर्म का दुरुपयोग किया, जिसके लिए लोग उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे और उनके किए गए पापों के लिए उचित सबक सिखाएंगे। लोगों ने अकालियों को बार-बार चुना, लेकिन वे गद्दार साबित हुए और हमेशा पंजाब और पंजाबियों की पीठ में छुरा घोंपा।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारी सरकार द्वारा लोगों की भलाई के लिए सरकारी खजाने का एक-एक पैसा पूरी समझदारी से इस्तेमाल किया जा रहा है। मांवां धियां सतिकार योजना के तहत 18 साल से अधिक उम्र की अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को प्रति माह 1500 रुपये और बाकी वर्गों की महिलाओं को प्रति माह 1000 रुपये की सहायता दी जाएगी।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “लोगों के टैक्स का सारा पैसा प्रदेश के लोगों का है और यह उनकी भलाई पर खर्च किया जा रहा है। करदाताओं का पैसा विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के जरिए लोगों के पास वापस आ रहा है। चाहे ‘आप’ सरकार ने अपनी सभी गारंटियां पूरी कर ली हैं, लेकिन आगे बढ़ने के प्रयास जारी रहेंगे। दूसरी सियासी पार्टियां अपने मंचों पर सत्ता हड़पने की चालें चल रही हैं, लेकिन इस मंच से हम शिक्षा, सेहत, बिजली, खेती और समग्र विकास की बात करते हैं।”

सीमावर्ती किसानों के लिए बड़ी राहत के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, “आप सरकार के ठोस प्रयासों के कारण भारत सरकार ने कांटेदार तार को अंतरराष्ट्रीय सीमा के 300 मीटर के भीतर स्थानांतरित करने के आदेश दिए हैं, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिली है। इससे लाखों एकड़ जमीन पर बिना किसी प्रतिबंध के खेती की जा सकेगी।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इससे पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरन तारन, फाजिल्का और फिरोजपुर के किसानों को बहुत फायदा होगा। एसडीएम को सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि इस फैसले को समय पर लागू करने के लिए 300 मीटर के क्षेत्र को सुचारू रूप से चिह्नित किया जा सके।”

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