
अमृतसर, 25 जुलाई:श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने मीरी-पीरी खालसा मार्च के दौरान चीफ खालसा दीवान के प्रधान एवं अमृतसर दक्षिण से आम आदमी पार्टी के विधायक डॉ. इंद्रबीर सिंह निज्जर को सार्वजनिक रूप से 29 जुलाई की तय समय-सीमा (डेडलाइन) याद दिलाई। यह घटनाक्रम उस समय हुआ जब खालसा मार्च चीफ खालसा दीवान के मुख्य द्वार के सामने पहुंचा, जहां डॉ. निज्जर समर्थकों के साथ मार्च के स्वागत के लिए मौजूद थे।
जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने मंच से डॉ. निज्जर को संबोधित करते हुए कहा, “निज्जर साहिब, 29 तारीख नजदीक आ गई है, अभी तक कुछ भी नहीं हुआ, उन तक संदेश पहुंचा दीजिए।” जत्थेदार द्वारा सार्वजनिक रूप से की गई इस टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस बयान के सामने आने के बाद पंजाब के सियासी और धार्मिक हलकों में चर्चाओं का बाजार बेहद.गर्म हो गया है।

यह पूरा मामला बेअदबी से जुड़े कड़े कानून में संशोधन के बेहद संवेदनशील मुद्दे से संबंधित है। गत 29 जून को श्री अकाल तख्त साहिब परिसर में पंजाब विधानसभा के स्पीकर, कैबिनेट मंत्रियों और कुछ विधायकों की एक अहम बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में श्री अकालतख्त साहिब की ओर से पंजाब सरकार को बेअदबी कानून में आवश्यक और सख्त संशोधन करने के लिए एक महीने का समय दिया गया था, जिसकी 30 दिन की अवधि आगामी 29 जुलाई को पूरी होने जा रही है।
बता दे कि 29 जून को हुई उस उच्चस्तरीय बैठक में डॉ. इंद्रबीर सिंह निज्जर बेअदबी कानून से संबंधित विशेष विधानसभा समिति के चेयरमैन के रूप में शामिल हुए थे। इसी संदर्भ को ध्यान में रखते हुए जत्थेदार गड़गज्ज ने सार्वजनिक मंच से उन्हें दिए गए आश्वासन की याद दिलाई। इस घटना को सरकार पर बेअदबी कानून में जल्द संशोधन का दबाव बनाने के रूप में देखा जा रहा है और 29 जुलाई की समय-सीमा को लेकर अब राजनीतिक गलियारों में हलचल काफी बढ़ गई है।
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