
अमृतसर, 5 अगस्त:पंजाब कैबिनेट ने बुधवार को हुई बैठक में शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और प्रशासन से जुड़े कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी। सरकार ने निजी स्कूलों की फीस पर नियंत्रण के लिए फीस रेगुलेशन संशोधन बिल-2026 को मंजूरी देते हुए इसे अध्यादेश (ऑर्डिनेंस) का रूप देने का फैसला किया।संवैधानिक मंजूरी मिलने के बाद इसे लागू किया जाएगा।सरकार ने निजी स्कूलों की वार्षिक फीस बढ़ोतरी की अधिकतम सीमा 5% तय करने, फीस की निगरानी के लिए
रेगुलेटरी बॉडी बनाने और जरूरत पड़ने पर फोरेंसिक ऑडिट कराने का भी प्रावधान किया है। इसके अलावा 3 डिजिटल यूनिवर्सिटी और कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले मुलाजिमों को सरकार अपने कॉन्ट्रैक्ट के अधीन लेगी। इस संबंधी विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया जाएगा।
5 साल से काम कर रहे मुलाजिमों को राहत
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि कैबिनेट ने राज्य में लंबे समय से आउटसोर्स आधार पर काम कर रहे कर्मचारियों को लेकर भी बड़ा फैसला लिया। लगातार 5 साल से सेवाएं दे रहे आउटसोर्स कर्मचारियों को कॉन्ट्रैक्ट व्यवस्था के तहत लाया जाएगा। इससे संबंधित विधेयक एक-दो दिन में विधानसभा में पेश किया जाएगा। चूंकि यह मनी बिल है, इसलिए इसे पेश करने से पहले राज्यपाल की मंजूरी ली जाएगी।
1600 से अधिक मुलाजिमों की सेवाएं बढ़ी
बैठक में ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग के 582 सर्विस प्रोवाइडर, 449 वेटरनरी फार्मासिस्ट और 551 सफाई सेवकों की सेवाएं 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक बढ़ाने को भी मंजूरी दी गई।
पटियाला में दो और होशियारपुर में बनेगी एक डिजिटल यूनिवर्सिटी
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब प्राइवेट डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी नीति के तहत 3 नई डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी स्थापित करने का फैसला लिया गया। पहली क्लाउड यूनिवर्सिटी होशियारपुर जिले के गांव बोहन में स्थापित होगी, जहां विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यम से शिक्षा दी जाएगी। दूसरी एमएस डिजिटल यूनिवर्सिटी पटियाला जिले के गांव फतेहपुर में बलराज सिंगला सोसायटी की ओर से स्थापित की जाएगी। तीसरी यूनिवर्सिटी पटियाला जिले के गांव आनंदपुर में बनाई जाएगी। उसे फिजिक्सवाल नाम दिया यगा।
19 पदों को क्रिएट किया
कैबिनेट ने लोक निर्माण विभाग (PWD) में सिविलcड्राफ्ट्समैन के 19 पद सृजित करने को भी मंजूरी दी।
एक पेड़ काटने पर 10 लगाने होंगे
पर्यावरण संरक्षण के लिए पंजाब प्रोटेक्शन ऑफ ट्रीज बिल-2026 को भी मंजूरी दी गई। नए प्रावधान के तहत एक पेड़ काटने पर 10 नए पेड़ लगाना अनिवार्य होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर पहली बार प्रति पेड़ 10 हजार रुपए, दूसरी बार 35 हजार रुपए और बार-बार उल्लंघन करने पर इससे भी कड़ी कार्रवाई और जुर्माने का प्रावधान रखा गया है। सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटना है।
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