
अमृतसर, 14 सितंबर(राजन): शोध के क्षेत्र में नए तरीकों और आधुनिक सांख्यिकीय विश्लेषण तकनीकों की समझ शोधार्थियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से उप-कुलपति प्रो. करमजीत सिंह के मार्गदर्शन में गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के पंजाब स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स द्वारा स्वास्थ्य विज्ञान में बुनियादी एवं परिवर्तनकारी अनुसंधान केंद्र के सहयोग से गोल्डन जुबली सेंटर फॉर एंटरप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन में ‘रिसर्च क्राफ्ट : मास्टरिंग डीईए एंड एसईएम’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला में प्रो. (डॉ.) अमरजीत सिंह सेठी, पूर्व प्रोफेसर एवं डीन, फैकल्टी ऑफ इकोनॉमिक्स एंड बिजनेस, गुरु नानक देव विश्वविद्यालय तथा डॉ. विकास कुमार, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट, कुंडली ने विशेषज्ञ के रूप में भाग लिया। कार्यशाला की शुरुआत विभागाध्यक्ष डॉ. बलजीत कौर द्वारा विशेषज्ञों और प्रतिभागियों के औपचारिक स्वागत के साथ हुई।
कार्यशाला की समन्वयक डॉ. अमनप्रीत कौर ने कार्यशाला के विषय और इसमें शामिल किए जाने वाले महत्वपूर्ण सत्रों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता डीन विद्यार्थी कल्याण प्रो. सतनाम सिंह देओल ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने शोध में नैतिकता, नई सोच और मौलिकता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण और समाज के लिए उपयोगी शोध के लिए नए तरीकों तथा विश्लेषणात्मक कौशल को अपनाना जरूरी है।
कार्यशाला में पंजाब स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ फाइनेंशियल स्टडीज, यूनिवर्सिटी बिजनेस स्कूल और पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के 50 शोधार्थियों ने भाग लिया। कार्यशाला के दौरान तीन विशेष सत्र आयोजित किए गए, जिनमें शोधार्थियों को संरचनात्मक समीकरण मॉडलिंग से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। सत्रों के दौरान प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों के साथ सीधे संवाद करते हुए शोध में इस्तेमाल की जाने वाली आधुनिक विश्लेषणात्मक तकनीकों को व्यावहारिक रूप से समझा।
अंत में डॉ. अमनप्रीत कौर ने सभी विशेषज्ञों, विश्वविद्यालय प्रशासन और भाग लेने वाले शोधार्थियों का धन्यवाद करते हुए औपचारिक धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
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