
अमृतसर, 12 सितंबर(राजन): पंजाब राज्य कानूनी सेवाएं प्राधिकरण, एस.ए.एस. नगर के दिशा-निर्देशों एवं मार्गदर्शन के तहत जिला अमृतसर में 12 सितंबर, 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। इस लोक अदालत का आयोजन माननीय श्रीमती जतिंदर कौर, जिला एवं सत्र न्यायाधीश-कम-चेयरपर्सन, जिला कानूनी सेवाएं प्राधिकरण, अमृतसर की अगुवाई में किया गया। लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य लोगों को त्वरित, सस्ता एवं आपसी सहमति के आधार पर न्याय प्रदान करना था।
इस राष्ट्रीय लोक अदालत में परिंदर सिंह, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश,महेश कुमार शर्मा, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमन शर्मा, अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय राजविंदर कौर, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश-कम-पीठासीन अधिकारी, औद्योगिक ट्रिब्यूनल द्वारा पीठों की अध्यक्षता की गई। इसके अलावा जिला अदालत अमृतसर में 22 लोक अदालत पीठों, बाबा बकाला साहिब में 2 पीठों तथा अजनाला में 3 पीठों का गठन किया गया, जिससे जिले के अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सका।
राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता में अमरदीप सिंह बैंस, सचिव, जिला कानूनी सेवाएं प्राधिकरण, अमृतसर द्वारा की गई सुव्यवस्थित योजना, समन्वय एवं निरंतर प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर समस्त न्यायिक अधिकारियों, वकील समुदाय, बैंकों, बीमा कंपनियों, विभिन्न सरकारी विभागों, न्यायालय के कर्मचारियों, पैरा लीगल वालंटियर्स तथा मुकदमेबाजों के सहयोग से यह लोक अदालत अत्यंत सफल रही।
राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान कुल 38,247 मामलों को सुनवाई के लिए रखा गया, जिनमें से 35,031 मामलों का आपसी सहमति से निपटारा किया गया। इन मामलों में कुल 99,80,22,793/- रुपये की समझौता राशि/रिकवरी हुई। इनमें से 34,816 प्री-लिटिगेशन मामलों में से 32,843 मामलों का निपटारा करते हुए ₹79,07,95,600/- की राशि का समझौता हुआ, जबकि 3,431 लंबित अदालती मामलों में से 2,188 मामलों का निपटारा करते हुए ₹20,72,27,193/- की राशि का समझौता हुआ।
राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान विभिन्न श्रेणियों के मामलों का बड़े स्तर पर निपटारा किया गया। बैंक रिकवरी से संबंधित 9,826 मामलों का निपटारा करते हुए ₹73,38,63,838/- की रिकवरी की गई। वित्तीय मामलों (लोन रिकवरी एवं एन.पी.ए.) के 2,803 मामलों में ₹11,13,62,780/- की राशि का समझौता हुआ। परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 से संबंधित 363 मामलों में ₹10,51,85,696/- की रिकवरी हुई। इसी तरह मोटर दुर्घटना दावों के 10 मामलों में ₹1,53,20,000/- का मुआवजा दिया गया। इसके अलावा 361 दीवानी मामले, 1,972 समझौता योग्य आपराधिक मामले, 798 ट्रैफिक चालान, 50 श्रम विवाद, 9 उपभोक्ता मामले तथा हजारों राजस्व विभाग से संबंधित मामलों का भी निपटारा किया गया।
इस राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान कई प्रेरणादायक सफलता की कहानियां सामने आईं। श्री अमनदीप सिंह घुम्मण, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, अमृतसर की अदालत में “Punjab & Sind Bank बनाम Simmi Arora” शीर्षक वाला लगभग ₹60,00,000/- का लंबे समय से चल रहा लोन विवाद आपसी सहमति से निपटाया गया। अदालत द्वारा किए गए निरंतर सुलह-सफाई के प्रयासों तथा दोनों पक्षों के वकीलों के सहयोग से शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत वापस ले ली और लंबे समय से चल रहे मुकदमे का अंत हुआ।
इसी प्रकार श्री करण अग्रवाल, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, अमृतसर की अदालत में एक प्री-लिटिगेशन मामले में एक किसान ने पशुपालन के लिए ₹1,60,000/- का किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) लोन लिया था। वर्ष 2024 में पंजाब में आई बाढ़ के कारण उसके पशुओं की मृत्यु हो गई और वह आर्थिक रूप से काफी प्रभावित हुआ। लोक अदालत में हुई बातचीत के दौरान बैंक ने मानवीय आधार पर केवल ₹56,000/- में पूरे लोन का समझौता कर लिया, जिससे कर्जदार को बड़ी राहत मिली।
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