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भारत-पाक सीमा पर बढ़ रही ड्रोन गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए इजराइली तकनीक अपनाएगा  बी एस एफ

अमृतसर,1 जनवरी(राजन):भारत-पाक सीमा के पार रिमोट कंट्रोल से भारत विरोधी तत्वों द्वारा ड्रोन बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स  के लिए  बड़ी चुनौती बने रहे। पंजाब में पाकिस्तान के साथ लगती 553 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार से ड्रोन की मूवमेंट इस साल तीन गुना रही।ड्रोन के माध्यम से नशीले पदार्थ और हथियार भेजे जा रहे हैं। करीब एक साल से अधिक समय से पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में हथियार, गोला-बारूद और ड्रग्स गिराने के लिए ड्रोन का तेजी से इस्तेमाल कर रही है। बीएसएफ के सूत्रों का कहना है कि इन ड्रोन के अलावा क्षेत्र की मैपिंग, फोटोग्राफी और भूभौतिकीय सर्वेक्षण में बेहद मददगार हैं।

हेरोइन, हथियार व गोला-बारूद जब्त

बीएसएफ अधिकारियों का कहना है कि वर्ष 2022 के दौरान बीएसएफ के जवानों ने भारत पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब से लगभग 300 किलोग्राम हेरोइन, विभिन्न प्रकार के 75 हथियार और विभिन्न कैलिबर के लगभग 1000 गोला-बारूद भी बरामद किए थे।

तकनीकों पर चल रहे ट्रायल

बीएसएफ सूत्रों का कहना है कि इस समय बॉर्डर पर ड्रोन को गिराने के लिए कई तकनीकों पर ट्रायल चल रहा है। जिसमें एक इजराइली तकनीक महत्वपूर्ण है। वहीं दूसरे बॉर्डर पर कुछ जगहों पर सैंसर लगाए गए हैं, ताकि ड्रोन मूवमेंट को भांपा जा सके। यह दोनों तकनीकें बहुत अधिक महंगी हैं और अगर केंद्र सरकार को यह प्रोजेक्ट पसंद
आ गया तो बॉर्डर ड्रोन से सुरक्षित हो जाएगा।

सैंसर की मदद से होगा ड्रोन डिटेक्ट

बीएसएफ सूत्रों ने बताया कि बॉर्डर पर सैंसर तकनीक का ट्रायल लिया गया है। जिसमें तकरीबन 3-3 किलोमीटर की दूसरी पर सैंसर लगाए जाते हैं। यह सैंसर कम हाइट पर उड़ने वाले ड्रोन को डिटेक्ट करते हैं और उनकी लोकेशन को कंट्रोल रूम तक पहुंचाते हैं। अभी तक अपने सैंसिस का प्रयोग करके आवाज की तरफ निशाना बनाकर ही ड्रोन को गिरा पा रहे हैं।

ड्रोन का कंट्रोल ले लेगी इजराइली तकनीक

इजराइल एक ऐसा देश है, जिसे पड़ोसी देशों से हमेशा खतरा बना रहता है। इजराइल ने कुछ साल पहले री- ड्रोन वेहिकुलर टैक्टिकल सिस्टम तैयार किया था। कुछ इसी तरह की तकनीक का ट्रायल बीएसएफ भी बॉर्डर पर कर रही है। इसमें अगर कोई ड्रोन भारतीय सीमा में दाखिल होता है तो जैमर की मदद से उसका कंट्रोल में लिया जा सकता है। इतना ही नहीं, कंट्रोल रूम में बैठा व्यक्ति ड्रोन के कंट्रोल को अपने हाथों में लेकर उसे मनचाही जगह पर लैंड भी करवा सकता है। इस तकनीक से दो फायदे होंगे। एक ड्रोन को रोक न्यूट्रलाइज किया जा सकता है, वहीं ड्रोन की मूवमेंट का कंट्रोल लेकर पाकिस्तानी से भेजी गई खेप को बीएसएफ अपने कब्जे में ले सकती है।

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