
अमृतसर 23 अक्टूबर :भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान व क्रिकेट के महान खिलाड़ी बिशन सिंह बेदी का निधन हो गया है। वे 77 साल के थे। लेफ्ट आर्म स्पिनर बेदी.ने भारत के लिए 1967 से 1979 तक 67 टेस्ट मैच खेले और 266 विकेट लिए । वनडे क्रिकेट में उन्होंने 10 मैचों में 7 विकेट लिए । बेदी 1970 के दशक में स्पिन गेंदबाजी की मशहूर चौकड़ी (बेदी, प्रसन्ना, चंद्रशेखर, राघवन) का हिस्सा रहे थे। उनका जन्म 25 सितंबर 1946 को अमृतसर में हुआ था। वे बाएं हाथ के स्पिनर थे। उन्होंने 22 टेस्ट मैचों में भारत की कप्तानी की थी। उन्होंने 1560 विकेटों के साथ अपना फर्स्ट क्लास क्रिकेट करियर खत्म किया था ।
वेस्टइंडीज के खिलाफ की करियर की शुरुआत

बिशन सिंह बेदी ने अपने इंटरनेशनल करियर का पहला मैच वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था। अपने डेब्यू मुकाबले में बिशन सिंह ने कुल 2 विकेट अपने नाम किए थे। बिशन सिंह ने अपनी बेहतरीन स्पिन गेंदबाजी से दुनिया के बड़े-बड़े बल्लेबाजों को तंग किया। पूर्व स्पिनर ने अपने करियर का आखिरी मैच इंग्लैंड के खिलाफ साल 1979 में खेला था।
बतौर कोच भी संवरा कई खिलाड़ियों का करियर
बिशन सिंह बेदी ने इंटरनेशनल करियर को अलविदा कहने के बाद बतौर कोच भी काम किया। बिशन सिंह ने टीम इंडिया के लिए कई युवा खिलाड़ियों को तैयार किया, जिसमें मुरली कार्तिक जैसे बड़े नाम भी शामिल रहे। कोचिंग के साथ-साथ पूर्व गेंदबाज ने कमेंट्री में भी हाथ आजमाया। साल 1990 में बिशन सिंह न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के दौरे पर गई भारतीय टीम के मैनेजर भी रहे। इसके साथ ही उन्होंने नेशनल सेलेक्टर्स के तौर पर भी इंडियन क्रिकेट को अपनी सेवाएं दीं।
बेवाकी से बोलते थे
बिशन सिंह बेदी सदैव बेवाकी से बोलते थे। क्रिकेट की पत्रकारिता करते समय मुझे भी बिशन सिंह बेदी से मिलने के कुछ मौके मिले। उनकी बातें सुनकर क्रिकेट के बारे में बहुत कुछ जानकारियां मिली थी। कुछ समय के लिए वह पंजाब क्रिकेट टीम के भी कोच रहे हैं। तब पंजाब क्रिकेट टीम का रणजी मैच अमृतसर के गांधी ग्राउंड में होता था तब भी मुझे बिशन सिंह बेदी को खिलाड़ियों को अनुशासन, किस ढंग से गेंदबाजी,बल्लेबाजी और फील्डिंग के बारे में खिलाड़ियों को तीखेपन में समझते थे साफ तौर पर दिखने को मिलता था । दिलदार और सच्चे बिशन सिंह बेदी किसी वक्त में पत्रकारों को भी तेजतरारी से साफ तौर पर कह देते थे कि खिलाड़ियों की प्रैक्टिस के वक्त पत्रकार मैदान में ना दिखे और ना ही फोटो खींचे । ऐसा करने वाले पत्रकारों को वह डांट देते थे। अमृतसर में जन्मे बिशन सिंह बेदी का अमृतसर से विशेष लगाव भी था। अमृतसर के पुराने क्रिकेट खिलाड़ी जो उनके मित्र रहे हैं, उनकी फैमिली के बारे में भी अपने मित्रों से मिलकर उनको सलाह मशविरा भी देते थे। बिशन सिंह बेदी अपने पुराने मित्र मनमोहन सिंह के बेटे ननू को भी क्रिकेट खेलने की बारीकियां समझा कर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक ले कर गए। प्रैक्टिस के दौरान अगर कोई खिलाड़ी मामूली सी गलती करता था तो उसको डांट देते थे। मुखर होकर अपनी बात रखने वाले बिशन सिंह बेदी अब यादों में ही रहेंगे। बेदी के निधन से क्रिकेट जगत को काफी नुकसान हुआ है।
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