सत्र में सख्त सज़ाओं के लिए बेअदबी विरोधी कानून में संशोधन करेगी

अमृतसर, 21 मार्च(राजन):पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज घोषणा की कि पंजाब सरकार ‘जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट-2008’ में संशोधन करने और सख्त कानून लाने के लिए 13 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाएगी। प्रस्तावित कानून में कड़ी सज़ा, भारी जुर्माना, संपत्ति जब्ती और डिजिटल माध्यम से किए गए अपराधों को भी शामिल किया जाएगा। इस कानून का मसौदा संत समाज और कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेकर तैयार किया जा रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया कि ‘बेअदबी’ के किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
संत समाज और धार्मिक नेताओं के साथ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा, “खालसा साजना दिवस के पवित्र अवसर पर यह सत्र बुलाया जाएगा और संत समाज व कानूनी विशेषज्ञों से विचार-विमर्श कर एक्ट बनाया जायेगा। इस घिनौने अपराध के दोषियों को उदाहरणीय सज़ा सुनिश्चित करने के लिए देशभर के प्रमुख वकीलों से भी राय ली जाएगी।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्र के दौरान पंजाब सरकार द्वारा लागू किए गए ‘जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट-2008’ में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे ताकि श्री गुरु ग्रंथ साहिब और अन्य धार्मिक ग्रंथों की ‘बेअदबी’ रोकने के लिए एक मजबूत और व्यापक कानून बनाया जा सके।
संत समाज, विभिन्न संप्रदायों, टकसालों, निहंग सिंह समूहों, उदासी संप्रदायों, निर्मला संप्रदायों, कार सेवा जत्थों, रागियों और कथावाचकों को आमंत्रित करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें विशेष सत्र में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्पीकर कुलतार सिंह संधवां और विधायक डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर जल्द ही समाना का दौरा करेंगे ताकि गुरजीत सिंह खालसा को अपना विरोध समाप्त करने और विशेष सत्र में शामिल होने के लिए निमंत्रण दिया जा सके। पंजाब सरकार संत समाज और श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करती है और सख्त कानून लाने के लिए प्रतिबद्ध है, जो किसी भी शरारती तत्व को ‘बेअदबी’ करने से रोकेगा।”

पंजाब के मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि कानून में सख्त सजाएं, भारी जुर्माने और यहाँ तक कि दोषियों की संपत्ति जब्त करने का प्रावधान भी शामिल होगा। नया एक्ट डिजिटल सामग्री के माध्यम से की जाने वाली ‘बेअदबी’ के खिलाफ भी कार्रवाई का प्रावधान करेगा। धार्मिक ग्रंथों की ‘बेअदबी’ की घटनाओं को रोकने के लिए पंजाब सरकार पूरी ईमानदारी से काम कर रही है।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने संत समाज को भरोसा दिलाया कि सरकार सभी की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करती है और ‘बेअदबी’ के दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘एक्स’ पर लिखा, “आज, श्री अमृतसर साहिब स्थित सर्किट हाउस में संत समाज के साथ महत्वपूर्ण बैठक हुई, जहाँ पवित्र ग्रंथों की बेअदबी को रोकने के लिए ‘जगत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सम्मान अधिनियम-2008’ में संशोधन पर विचार-विमर्श किया गया। इस संबंध में 13 अप्रैल, 2026 को विधान सभा का विशेष सत्र बुलाया जाएगा। हम पवित्र श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को शब्द गुरु मानते हैं, जिनसे हमें सच, सेवा और मानवता की शिक्षाएँ मिलती हैं। यदि कोई बेअदबी के माध्यम से हमारे विश्वास को ठेस पहुँचाने की कोशिश करता है, तो उसे कभी भी माफ नहीं किया जाएगा। दोषियों को कड़ी एवं अनुकरणीय सजा दी जाएगी और पंजाब की आस्था और सम्मान की रक्षा के लिए सख्त कानून बनाए जाएंगे।”
इससे पहले संत समाज और विभिन्न धार्मिक समूहों के सदस्यों ने मांग की कि दोषियों को कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए लंबित मामलों की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। उन्होंने श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहीदी वर्षगांठ की याद में आयोजन करवाने के लिए ‘आप’ के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार का धन्यवाद भी किया। उन्होंने श्री अमृतसर साहिब, श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो को पवित्र शहर का दर्जा देने के सरकार के फैसले की सराहना की। बैठक सामूहिक अरदास के साथ संपन्न हुई।
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