
अमृतसर, 30 जून :पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब से बेअदबी कानून को लेकर जो भी सुझाव आएंगे, उन पर विचार करेंगे।
धूरी में पत्रकारों से बातचीत में सीएम मान ने कहा
” हम अकाल तख्त साहिब को सर्वोच्च मानते हैं। एक महीने का टाइम है। जो भी अकाल तख्त साहिब से हमें कोई सुझाव या संशोधन आएंगे, उन्हें देखेंगे और फिर कैबिनेट में विचार करेंगे। “
वहीं कल अमृतसर में श्री अकाल तख्त साहिब में सिख मंत्रियों-विधायकों की पेशी के बाद ये साफ हो गया कि सरकार चाहे किसी भी पार्टी की हो, वह पंथ को नजरअंदाज नहीं कर सकती। सभी दलों के विधायक एक सामान्य सिख की तरह श्री अकाल तख्त पर पेश हुए। 5 सिंह साहिबानों के आगे जमीन पर बैठे।
इस दौरान जत्थेदार के सवालों के आगे बेअदबी कानून को विधायकों की बिना पढ़े मंजूरी से जहां आप सरकार एक्सपोज हुई। वहीं जत्थेदार ने सरकार को पंजाब में पंथ की अहमियत का भी पाठ पढ़ाया। जत्थेदार ने अकाली दल को भी घेरा तो कांग्रेस खुद को कानून से किनारे करने की कोशिश करते दिखी।
आखिर में जत्थेदार ने 6 एतराज जताते हुए कहा कि कानून बनाना और सजा देना सरकार का काम है लेकिन ये एतराज दूर होने चाहिए। इसके लिए एक महीने का टाइम दिया। तब तक कानून होल्ड करने को कहा।
पेशी से बाहर निकले पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार संधवां और वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि जब अकाल तख्त से लिखित एतराज आएंगे तो सरकार उस पर चर्चा करेगी। उसके बाद कानून में बदलाव पर फैसला लेंगे।
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