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पंजाब को लूटने के लिए भाजपा के साथ नापाक गठजोड़ करने के लिए अकाली लीडरशिप उत्साहित : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

अमृतसर, 26 अगस्त(राजन):पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज शिरोमणि अकाली दल पर तीखा निशाना साधते हुए कहा कि इसका नेतृत्व सत्ता में वापसी करने और पंजाब को फिर से लूटने की कोशिश में भाजपा के साथ गठबंधन करने के लिए “उत्साहित ” हो रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य के लोग पंजाब को नशे की दलदल में धकेलने और बर्बाद करने के लिए भाजपा-अकाली गठबंधन को कभी माफ नहीं करेंगे। अमृतसर के चविंडा देवी में विशाल ‘लोक मिलनी’ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि मजीठा के लोग अब नया राजनीतिक अध्याय लिखने के लिए तैयार हैं। उन्होंने पिछली सरकारों की “परचे, गुंडागर्दी और डर” की राजनीति का मुकाबला अपनी सरकार द्वारा नौकरियों, स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों और विकास के बनाए रिकॉर्ड से किया।

मुख्यमंत्री ने बेअदबी के मुद्दे और सुखबीर बादल पर हुए हमले को लेकर अकालियों के रवैये पर भी निशाना साधा। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार ने “न कोई कैश, न कोई सिफारिश” के सिद्धांत के साथ केवल योग्यता के आधार पर 70 हजार सरकारी नौकरियां दी हैं और सरकारी स्कूलों में इतना सुधार किया है कि विद्यार्थी अब जेईई और नीट की परीक्षाएं पास कर रहे हैं।

जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जिस अकाली नेतृत्व ने पूरे राज्य में बेअदबियां करवाईं, आरोपियों से संबंधित सबूत नष्ट किए, निर्दोष लोगों पर गोलीबारी के आदेश दिए और कई अन्य पाप किए, वह अब पंजाब की सत्ता में वापस आने के लिए जल्दबाजी में है। उन्होंने कहा, “इस मकसद के लिए वे राज्य को लूटने के लिए भाजपा नेतृत्व के साथ हाथ मिलाने के लिए तरले कर रहे हैं, लेकिन पंजाब के समझदार लोग उन्हें एक बार फिर बाहर का रास्ता दिखाएंगे। पंजाबी अकालियों और भाजपा को राज्य और इसके लोगों के खिलाफ किए गए पापों के कारण राजनीतिक गुमनामी में भेज देंगे।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि साढ़े चार साल के कार्यकाल के बाद वह लोगों से किए प्रत्येक वादे और प्रत्येक गारंटी को पूरा करके आज लोगों के सामने खड़े हैं। उन्होंने आगे कहा, “मैं लोगों को याद करवाता हूं कि पहले माझा की इस पवित्र धरती पर गुंडों और समाज विरोधी तत्वों का बोलबाला था। एक तरफ बाजवे थे और दूसरी तरफ वल्टोहा और उसका बदनाम आका था। इन लोगों ने यहां दहशत का माहौल बना रखा था और लोग डर तथा सहम के माहौल में रहने के लिए मजबूर थे। इन लोगों ने पंजाब में नशे लाए और हमारी पीढ़ियां बर्बाद कर दीं।”

उन्होंने कहा कि इस कुनबे के ऐसे कुकर्मों के कारण अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ लड़ने वाले लाखों स्वतंत्रता सेनानियों के साथ विश्वासघात किया गया। उन्होंने कहा, “सिर्फ इतना ही नहीं, इस परिवार ने श्री हरिमंदिर साहिब में जनरल डायर को सिरोपा देकर और माफी दिलाकर लोगों के जख्मों पर नमक छिड़कने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने कहा कि इन नेताओं को कभी भी माफ नहीं किया जा सकता क्योंकि ये पंजाब की कई पीढ़ियों की नस्लकुशी के लिए जिम्मेदार थे। इनके लंबे कुशासन के दौरान नशे के कारोबार को संरक्षण मिला और यह बड़े स्तर पर फलता-फूलता रहा।”

कांग्रेस और अकाली दल दोनों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आजादी के बाद इन पार्टियों ने मिलकर पंजाब को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस और अकाली दल वे दीमक थे, जिन्होंने पंजाब को बर्बाद किया और राज्य को तरक्की के रास्ते से पीछे धकेल दिया। इनके नेता कभी एक-दूसरे के खिलाफ नहीं बोलते, लेकिन मेरे खिलाफ रोज जहर उगलते हैं क्योंकि मैंने इनके दोहरे चेहरे को लोगों के सामने बेनकाब कर दिया है। ये वे गद्दार हैं, जो कभी भी पंजाब और इसके लोगों के प्रति वफादार नहीं रहे।”

अकाली नेतृत्व पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सुखबीर सिंह बादल पंजाब की जमीनी हकीकतों से कोसों दूर हैं। उन्होंने कहा, “सुखबीर सिंह बादल ने अपना पूरा जीवन ऐशो-आराम और ठाठ-बाट वाले माहौल में बिताया है। ये कॉन्वेंट स्कूलों में पढ़े-लिखे राजनीतिक नेता हैं, जिन्हें पंजाब की मूल भौगोलिक परिस्थितियों की भी कोई जानकारी नहीं है, लेकिन वे यहां सत्ता हासिल करना चाहते हैं। बाकी सब छोड़ भी दें तो पूर्व उपमुख्यमंत्री राज्य की सामान्य फसलों तक में अंतर नहीं बता सकते, क्योंकि उन्हें आम लोगों की समस्याओं के बारे में कोई जानकारी ही नहीं है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कांग्रेस पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व पर भी तंज कसते हुए कहा, “यह अफसोस की बात है कि सत्ता की लड़ाई लड़ रहे इन नेताओं को एकजुट करने के लिए पंजाब आने वाले शीर्ष कांग्रेस नेताओं को यहां के नेताओं के सही नाम तक नहीं लेने आते।”

सरकार की स्वास्थ्य संबंधी पहलों को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब ने ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ शुरू की है, जो देश में अपनी तरह की पहली योजना है। उन्होंने कहा, “यह योजना पंजाब के प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराती है। यह गर्व और संतोष की बात है कि पंजाब इतनी व्यापक स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करने वाला पहला भारतीय राज्य है। इस योजना ने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के साथ-साथ लोगों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को काफी हद तक कम किया है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ऐतिहासिक पहल का उद्देश्य पंजाब के प्रत्येक परिवार को सार्वभौमिक स्वास्थ्य देखभाल उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा, “लोग इस योजना के तहत 650 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त इलाज करवा चुके हैं। यह वास्तविक अर्थों में स्वास्थ्य सुरक्षा है और प्रत्येक परिवार के लिए सम्मान एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि ‘मावां-धियां सत्कार योजना’ के तहत 18 वर्ष से अधिक आयु की महिला लाभार्थियों को योजना के अंतर्गत दी जाने वाली वित्तीय सहायता के संबंध में उनके मोबाइल फोन पर संदेश प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा, “प्रत्येक महिला को 1,000 रुपये प्रति माह मिलेंगे, जबकि अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही महिलाएं भी इस योजना के लिए पात्र होंगी।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है और राज्य सरकार ने इसे लागू करने के लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों, स्कूल्स ऑफ एमिनेंस तथा सरकार द्वारा किए गए अन्य सुधारों के निरंतर प्रयासों के कारण पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में केरल और कई अन्य राज्यों से आगे निकल गया है। मुख्यमंत्री ने कहा, “2021 में सरकारी स्कूलों के केवल 80 विद्यार्थियों ने ‘नीट’ परीक्षा पास की थी। 2026 में यह संख्या बढ़कर 882 हो गई है। यह हमारे शासन और उन सरकारों के बीच अंतर को दर्शाता है, जिन्होंने कभी स्कूलों और शिक्षा की परवाह नहीं की।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 में केवल 20 लाख 89 हजार एकड़ क्षेत्र को नहरी पानी मिलता था, जबकि आज नहरी सिंचाई के अंतर्गत आने वाला क्षेत्र बढ़कर 60 लाख 30 हजार एकड़ हो गया है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब भर में लगभग 45,000 किलोमीटर सड़कों की मरम्मत और सुधार किया जा रहा है। यह बदलाव हर क्षेत्र में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। हम ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहे हैं, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास का लाभ मिले और पंजाब का हर क्षेत्र एक साथ आगे बढ़े।”

‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने क्षेत्र के विकास के लिए 58 लाख रुपये की अनुदान राशि देने की घोषणा भी की। इससे सरकार की स्थानीय बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और विकास को विधानसभा क्षेत्र के हर कोने तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता दिखाई देती है।

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