
अमृतसर, 29 अक्टूबर(राजन):गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के यूजीसी-मालवीय मिशन अध्यापक प्रशिक्षण केंद्र की ओर से उप-कुलपति प्रो. (डॉ.) करमजीत सिंह के नेतृत्व में ‘डिजिटल युग में शोध पद्धतियां: तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नैतिक तरीकों का उपयोग’ विषय पर सप्ताह भर चला आवासीय कोर्स सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस कोर्स में अलग-अलग विषयों के अध्यापकों ने भाग लिया और शोध के बदलते तरीकों पर चर्चा की।
समापन समारोह में मालवीय मिशन अध्यापक प्रशिक्षण केंद्र के निदेशक प्रो. बलविंदर सिंह ने शोध के पुराने और बुनियादी तरीकों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि तकनीक से आंकड़े जुटाना आसान और तेज हो गया है, लेकिन शोध में अनुशासन, सही तरीके से काम करना और तथ्यों की जांच करना आज भी जरूरी है।
इस मौके पर शोध निदेशक प्रो. वंदना भल्ला मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने अपने शोध के शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि पहले शोधकर्ता जानकारी और संदर्भों को संभालकर रखने के लिए कागज के छोटे-छोटे कार्डों का इस्तेमाल करते थे। आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई तकनीक ने शोध के काम को आसान बनाया है और नए अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने कहा कि इन साधनों का इस्तेमाल करते समय शोध से जुड़े नैतिक नियमों का पालन करना भी जरूरी है।
कोर्स की समन्वयक प्रो. सनेहदीप कौर ने कार्यक्रम का संचालन किया। समापन सत्र में डॉ. आमिर जाफर, डॉ. मनीषा और डॉ. संजीवनी ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कोर्स को उपयोगी बताया और रहने के लिए अच्छी सुविधाएं देने तथा अच्छे प्रबंधों के लिए आयोजकों की सराहना की। उन्होंने कोर्स की समन्वयक प्रो. सनेहदीप कौर के सहयोग और अच्छे व्यवहार की भी प्रशंसा की।
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