
अमृतसर,30 जनवरी:डी ए वी कॉलेज अमृतसर के केमिस्ट्री विभाग और बायोटेक्नोलाजी विभाग द्वारा तीन दिवसीय नेचर कैंप गुरदासपुर जिले के केशोपुर मयानी मे आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम मिनिस्ट्री ऑफ इन्वायरमेंट, फॉरेस्ट एंड क्लाइमेट चेंज, गवर्नमेंट ऑफ इंडिया और पंजाब स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी चंडीगढ़ के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ अमरदीप गुप्ता ने बताया कि यह शिविर युवा पीढ़ी को प्रकृति के सानिध्य में पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता और सतत जीवन शैली की महत्वपूर्ण जानकारी देने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। इस कैंप का मुख्य उद्देश्य युवाओं को स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र और जैव विविधता से सीधे जोड़ना, प्रकृति के प्रति वैज्ञानिक दृष्टिकोण और संरक्षण की भावना का विकास करना है ।
डॉ गुप्ता ने बताया कि इस कैंप में कॉलेज स्टूडेंट्स को प्रकृति भ्रमण व अध्ययन करने का अवसर मिलेगा । इसके अलावा जाने माने विशेषज्ञ सुनल के रोमिंग के मार्गदर्शन में क्षेत्र की वनस्पतियों एवं जीवों का अवलोकन भी किया जाएगा । पर्यावरणविद माणिक कपूर और वन अधिकारियों द्वारा प्रकृति संरक्षण पर चर्चा सत्र भी होंगे ।
प्रिंसिपल ने बताया कि सर्दी के दौरान कई दशकों से यहां यूरोप, चीन, साइबेरिया समेत अन्य देशों से इंडियन मरहैन, गढवाल, पिन्नटेल, कामन टील, विजऊन, सोवेलर, लारज कारमोरेंट, हेडिडगल, ब्राउन हेडिडगल, बूटस ईगल, माश हेरिअर, लिटिल इराफ्ट, लारज इराफ्ट, मेडन इराफ्ट, वाइट ब्रेस्ट, किंग फिशर, ग्रे हैरोन, परपल हैरोन, डेरटर, डेबचिक्क, लिटिल कारमोरेंट व ब्लेक बूट समेत कई प्रजातियों के प्रवासी पक्षी आ रहे हैं। सर्दी तक पक्षियों के आने का सिलसिला जारी रहता है। वहीं, ग्रीष्म ऋतु आते ही ये प्रजातियों वापस लौट जाते हैं।
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