
अमृतसर, 6 अगस्त (राजन):पंजाब पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया है। पुलिस के स्पोक्सपर्सन का कहना है कि कुछ सोशल मीडिया हैंडल्स ने अमृतसर के पुलिस कमिश्नर की प्रेस कॉन्फ्रेंस के वीडियो को चुनिंदा हिस्सों में काटकर और भ्रामक कैप्शन के साथ साझा किया, जिससे लोगों के बीच गलत संदेश पहुंचाने की कोशिश की गई है। 4 अगस्त, 2026 को अमृतसर के पुलिस कमिश्नर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई समर्थित एक आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया था।उन्होंने बताया था कि गिरफ्तार किए कुछ आरोपी जंतर-मंतर पहुंचे थे, वहां रेकी की थी और प्रदर्शनकारियों को पेट्रोल बम से निशाना बनाने की योजना बनाई थी। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहींभी यह नहीं कहा गया था कि गिरफ्तार आरोपी जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन का हिस्सा थे या प्रदर्शनकारियों का इस.आतंकी मॉड्यूल से किसी भी प्रकार का संबंध था।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जंतर-मंतर के प्रदर्शनकारियों का किसी भी आतंकी मॉड्यूल से कोई संबंध नहीं है।पंजाब पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल किए गए वीडियो में बैकग्राउंड विजुअल बदले गए, वीडियो के कुछ हिस्सों को चुनिंदा तरीके से काटा गया और ऐसे कैप्शन गए वीडियो में बैकग्राउंड विजुअल बदले गए, वीडियो के कुछ हिस्सों को चुनिंदा तरीके से काटा गया और ऐसे कैप्शन लगाए गए, जिनसे यह गलत धारणा बनाई गई कि गिरफ्तार लोग जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़े हुए थे। जबकि वास्तविक बयान का आशय केवल इतना था कि आरोपी प्रदर्शन स्थल की रेकी कर रहे थे और वहां हमला करने की साजिश रच रहे थे।
पुलिस ने कहा कि वीडियो की ऑडियो या मूल तथ्यों में कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है, लेकिन चुनिंदा एडिटिंग और भ्रामक प्रस्तुति के कारण दर्शकों को वास्तविक संदर्भ से अलग संदेश मिल सकता है। पुलिस का कहना है कि इस तरह की भ्रामक सामग्री लोगों को गुमराह कर सकती है और आधिकारिक बयान की गलत व्याख्या कर सकती है। इस मामले में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के प्रावधानों के तहत उचित कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
” अमृतसर न्यूज अपडेट्स ” की खबर व्हाट्सएप पर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक को क्लिक करके व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करें
Amritsar News Latest Amritsar News