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धामी 5वीं बार एसजीपीसी के प्रधान बने: मिट्ठू सिंह को 99 वोटों से हराया

पत्रकारों से बातचीत करते हुए एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी।

अमृतसर, 3 नवंबर:हरजिंदर सिंह धामी शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के 5वीं बार प्रधान बन गए हैं। उन्होंने अकाली दल (पुनर सुरजीत) के उम्मीदवार मिट्ठू सिंह को 99 वोट से हराया।इसके साथ रघुजीत सिंह विर्क को सीनियर उप प्रधान ,बलदेव सिंह को जूनियर उप प्रधान और शेर सिंह मंड को जनरल सेक्रेटरी चुना गया। चुनाव की शुरुआत में एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने हाथ खड़े करवा चुनाव करवाने की अपील की। लेकिन उनकी इस अपील को खारिज कर दिया गया। जिसके बाद अब वोटिंग के माध्यम से चुनाव प्रक्रिया को शुरू किया गया है।

अकाली दल के नेता दलजीत सिंह चीमा ने कहा- ये बहुत बड़ी कामयाबी है। सुखबीर सिंह बादल ने सभी सदस्यों की राय के बाद एडवोकेट धामी का नाम घोषित किया था। जिसके बाद उन्हें 117 वोटें पड़ी, जबकि मिट्ठू सिंह को सिर्फ 18 वोटें पड़ी। उन्होंने कहा कि सभी सदस्यों का धन्यवाद है कि उन्होंने एक बार फिर इमानदार शख्सियत को चुना है। बीते साल भी वोटें पड़ीं थी तो विरोधी पक्ष को 33 वोट पड़ी थी और इस बार ये गिनती और कम हो गई है।

वहीं मिट्ठू सिंह ने कहा कि जिन्होंने धामी के खिलाफ चुनावलड़ा था, उन्हें भी अंतिम कमेटी का सदस्य चुना गया है। ये चुनाव गोल्डन टेंपल परिसर में स्थित तेजा सिंह समुद्री हॉल में हुआ ।

अंतरिम समिति के सदस्य इन्हें बनाया

सुरजीत सिंह गढ़ी, सुरजीत सिंह तुगलवाला, सुरजीत सिंह कंग, गुरप्रीत सिंह झब्बर, दिलजीत सिंह भिंडर, हरजिंदर कौर, बलदेव सिंह कैंपुरी, मेजर सिंह ढिल्लों, मंगविंदर सिंह खापड़खेड़ी, जंगबहादुर सिंह राय और मिट्ठू सिंह को अंतरिम समिति का सदस्य बनाया गया है।

अकाली दल अमृतसर ने किया प्रदर्शन

वहीं, अकाली दल अमृतसर की तरफ से तेजा सिंह समुद्री हाल के बाहर प्रदर्शन किया गया। अकाली दल (अमृतसर) के नेताओं ने आरोप लगाया कि यह चुनाव गैरकानूनी तरीके से हुआ। 2011 के बाद 14 साल बीत गए। लेकिन नई चुनाव प्रक्रिया शुरू नहीं की गई। उन्होंने केंद्र और पंजाब सरकारों पर सिखों की लोकतांत्रिक आवाज दबाने का आरोप लगाया।

ये प्रस्ताव पास किए गए

नदियों के पानी पर पंजाब का हक

पंजाब की नदियों के पानी पर पहला अधिकार पंजाब के लोगों का है। इसे किसी गैरकानूनी तरीके से अन्य राज्यों में जाने से रोका जाए। सतलुज-यमुना लिंक नहर से जुड़ी हर कार्रवाई पर पूरी तरह रोक लगाई जाए।

चंडीगढ़ पंजाब को सौंपने की मांग

चंडीगढ़, जो पंजाब के गांवों को उजाड़कर बसाया गया और राज्य की राजधानी है, उसे पूरी तरह पंजाब को सौंपा जाए।

भाखड़ा-ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड में पंजाब की हिस्सेदारी बरकरार रखी जाए और केंद्र सरकार अपनी मनमानी बंद करे।

पंजाब की अर्थव्यवस्था का आधार खेतीबाड़ी है। खेती से जुड़े सभी फैसले पंजाब और किसानों से सलाह के बाद लिए जाएं।

एमएसपी को कानूनी गारंटी दी जाए।सीमावर्ती राज्य होने के अधिकार: पंजाब को सीमावर्ती राज्य होने के नाते अपने संसाधनों, करों और नीतियों पर पूरा अधिकार दिया जाए।

केंद्र सरकार राज्यों को निर्देश दे कि वे सिखों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करें । संविधान के तहत सिखों को मिले अधिकारों का पालन सुनिश्चित किया जाए। परीक्षाओं के दौरान ककारों सहित सिख छात्रों को बैठने से रोकने जैसी घटनाओं पर सख्ती से रोक लगाई जाए।

पिछली बार धामी ने बीबी कौर को हराया था

पिछले साल 28 अक्टूबर को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव हुए थे। इसमें एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी को 107 वोट मिले थे, वहीं बागी गुट की उम्मीदवार बीबी जागीर कौर को सिर्फ 33 वोट मिले थे।

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