
अमृतसर,1 जनवरी: पवित्र स्वरूपों से जुड़े बहुचर्चित 328 पावन स्वरूप मामले में अमृतसर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सुखबीर बादल के करीबी सतिंदर सिंह कोहली को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए सतिंदर सिंह कोहली का संबंध सीधे तौर पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से रहा है। जानकारी के मुताबिक, सतिंदर सिंह कोहली एसजीपीसी के ऑडिट कार्य को संभाल चुके हैं और पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं।
गौरतलब है कि 328 पावन स्वरूप मामला लंबे समय से पंजाब की राजनीति और सिख संगत के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। इस मामले में पहले भी बिना जांच एफआईआर दर्ज करने, सबूतों को नजरअंदाज करने और राजनीतिक दबाव के आरोप लगते रहे हैं। अब शिरोमणि अकाली दल से जुड़े व्यक्ति की गिरफ्तारी के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
हाल ही में पंजाब पुलिस ने एफ आई आर दर्ज की थी और सीएम भगवंत मान इस मामले में खुल कर बोले थे। इस दौरान उन्होंने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी पर भी सवाल उठाए थे। एसएस कोहली एंड एसोसिएट्स फर्म को 2009 में एसजीपीसी ने आंतरिक ऑडिट, खातों के कंप्यूटरीकरण और नियंत्रण प्रणाली के लिए 3.5 लाख रुपए मासिक सैलरी पर नियुक्त किया था।
मिली जानकारी के अनुसार जांच रिपोर्ट में पाया गया था कि एसएस कोहली एंड एसोसिएट्स फर्म ने केवल एक काम किया था और उसके लिए चार कामों के लिए भुगतान लिया। जिससे स्वरूप गबन रोकने में चूक हुई। 2020 में एसजीपीसी ने उनकी सेवाएं समाप्त कर दीं और 75% भुगतान की वसूली का प्रस्ताव पारित किया था।
कोहली को सुखबीर सिंह बादल का करीबी चार्टर्ड अकाउंटेंट माना जाता है, जो बादल के निजी और एसजीपीसी खातों को संभालते रहे। 2003 में पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने बादल परिवार के काले धन को सफेद करने के आरोप में उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे।
सीएम भगवंत मान ने दिसंबर 2025 में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कोहली सुखबीर के भी चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और एसजीपीसी के प्रस्तावों को लागू न करने पर सवाल उठाए।
328 पावन स्वरूपों का मामला अमृतसर से जुड़ा है, जहां गुरु ग्रंथ साहिब के 328 पवित्र स्वरूपों के गुम होने और उनकी संभावित बेअदबी का आरोप लगा। संगत की ओर से लंबे समय से शिकायतें की जा रही थीं कि इन स्वरूपों का सही रिकॉर्ड, संरक्षण और मर्यादा के अनुसार प्रबंधन नहीं किया गया। मामले की जांच के बाद 7 दिसंबर 2025 को अमृतसर थाना कोतवाली पुलिस ने इस घोटाले में कोहली सहित 16 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। एफआईआर में धोखाधडी, आपराधिक विश्वासघात और सरकारी दस्तावेजों के दुरुपयोग जैसी धाराएं शामिल हैं। 20 दिसंबर 2025 को अमृतसर की अदालत ने कोहली समेतआरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
उधर, सिख गुरुद्वारा ज्यूडिशियल कमीशन में भी कोहली की फर्म से 75 प्रतिशत अनुचित भुगतान की वसूली का मामला लंबित है, जिसकी अगली सुनवाई जनवरी 2026 में होनी है। अनुमान है कि इस घटनाक्रम के बीच 75 प्रतिशित अनुचित भुगतान की वसूली पर फैसला आ सकता है।
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