
अमृतसर, 29 जुलाई (राजन):अतिरिक्त उपायुक्त (ग्रामीण विकास), अमृतसर सुरिंदर सिंह की अध्यक्षता में जिले के गांवों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट कार्यों की प्रगति की समीक्षा तथा ठोस कचरा प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से ग्राम पंचायतों, ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग तथा जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि गांवों को स्वच्छ एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए ठोस कचरे का वैज्ञानिक ढंग से प्रबंधन करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक घर से गीले कचरे, सूखे कचरे, सैनिटरी वेस्ट तथा खतरनाक अपशिष्ट को अलग-अलग एकत्र किया जाए, ताकि उनका उचित निपटान सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने बताया कि गीले कचरे से जैविक खाद तैयार की जा सकती है, जो कृषि के लिए अत्यंत लाभदायक है। उन्होंने सरपंचों, पंचों, पंचायत सचिवों, बी.आर.सी. तथा पंजाब राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के फील्ड स्टाफ को आपसी समन्वय के साथ सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट संबंधी गतिविधियों को और अधिक गति देने के निर्देश दिए।
बैठक में राउंड ग्लास फाउंडेशन के समन्वयक रेशम सिंह ने बताया कि जिला अमृतसर के अनेक गांवों में गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग एकत्र करने तथा उसके वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गांवों में स्थापित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट केंद्रों के माध्यम से कचरे का उचित निपटान सुनिश्चित किया जा रहा है।
अतिरिक्त उपायुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देश जारी करते हुए कहा कि 31 अक्टूबर, 2026 तक जिले के 50 प्रतिशत गांवों (430 गांवों) में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के माध्यम से ठोस कचरा प्रबंधन को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
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